रतलाम,1 फरवरी(खबरबाबा.काम)। वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तुत बजट आंकड़ो की कहानी और आय का व्यय से संतुलन है । चूंकि बजट एक हाथ से देने और दूसरे हाथ से लेने का ही काम है तथापि यह सीमित संसाधनों के मध्य विकासोन्मुखी अर्थव्यवस्था में वित्तीय कुशलता के साथ भविष्य के भारत की संरचना की और एक कदम है ।
हालांकि आयकर दाताओ के लिए इस बजट में कुछ खास राहत नही है कर प्रणाली में युक्तियुक्त बदलाव कर शासन ने 1 और आय के माध्यम चुने है वंही दूसरी और स्वास्थ्य के लिए 50 करोड़ लोगों तक 5 लाख की स्वास्थ्य व्यय की व्यवस्था की है शैक्षणिक क्षेत्र में 3 लोकसभा के मध्य 1 मेडिकल कॉलेज अन्य उच्च शिक्षा के लिए नए संसाधन, डिजिटल इंडिया की और कदम के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और नवीन गैस और बिजली के करोड़ो कनेक्शन दे कर आमजन के जीवन स्तर में सुधार के प्रयास किये है वंही कृषि को मुनाफा हो ऐसी व्यवस्था और कृषि क्षेत्र में विकास हो ये प्रयास भी किये । इससे कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में लाभ होगा छोटे व्ययसाय और उद्योगों को प्रोत्साहन हेतु सुलभ ऋण मुद्रा योजना आदि के प्रावधान अच्छे है । 250 करोड़ तक के कारोबार वाली कंपनी पर कर दर 25 प्रतिशत कम किया जाना और वित्तीय घाटे पर निरंतर कमी के प्रयास नवीन भारत के निर्माण में अच्छा कदम है । आधारभूत सरंचना में रेलवे, रोड और एयरपोर्ट क्षेत्र में विकास मेलिये प्रावधान भी किये है।
देखना सिर्फ ये है कि इन सबके लिए पर्याप्त वित्तीय प्रबंधन के अनुमान कितने सही हो पाते है । तथापि व्यापक अर्थो में सोच और विचारधारा से यह बजट विकासोन्मुखी कहा जा सकता है
-सीए प्रमोद नाहर,पूर्व चेयरमैन रतलाम ब्रांच ऑफ आईसीएआई
आईसीएआई रतलाम ब्रांच के पूर्व चेयरमैन ने बताया आम बजट को विकासोन्मुखी, जानिए क्या कहा
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