लंबित अविवादित नामांतरण प्रकरण संज्ञान में लाने पर मिलेगा पुरस्कार, एक माह में करना होना निराकृत, कमीश्नर ने दिए निर्देश

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रतलाम(खबरबाबा.काम)। अब यदि किसी कृषक अथवा हितग्राही के अविवादित नामांतरण का प्रकरण एक माह की समय-सीमा में निराकृत नहीं होता है, एवं संबंधित द्वारा प्रकरण के लंबित होने की जानकारी जिला कलेक्टर अथवा सक्षम प्राधिकारी के संज्ञान में लाई जाती है, तो जानकारी प्रदान करने वाले हितग्राही को रूपये 500 रुपए का नगद पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। पुरस्कार की राशि दोषी अधिकारी, कर्मचारी से अर्थदण्ड के रूप में वसूल की जा सकेगी।
बुधवार अपरान्ह जिला कलेक्टोरेट में रतलाम अनुविभाग के राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त, उज्जैन एम.बी. ओझा नें तदाशय की घोषणा की। संभागायुक्त नें कहा कि अनुविभाग के समस्त राजस्व अधिकारी तथा तहसीलदार नामांतरण के प्रकरणों की पाक्षिक समीक्षा करें व पटवारियों को हर सप्ताह दो बार ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से विजिट करने हेतु निर्देशित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी नामांतरण बगैर नक्शे-तरमीम के न किया जाये एवं आवेदकों को अनिवार्य रूप से नामांतरण प्रमाण-पत्रों का वितरण सुनिश्चित किया जाये।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त, राजस्व पवन जैन, जिला कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल एवं रतलाम अनुविभाग के समस्त राजस्व अधिकारीगण मौजूद थे। बकाया डायवर्शन शुुल्क की वसूली में रतलाम अनुविभाग के उल्लेखनीय प्रदर्शन हेतु संभागायुक्त नें जिला कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने चार हजार नामांतरण किये जाने हेतु भी राजस्व अधिकारियों के कार्य की प्रशंसा की। संभागायुक्त नें स्पष्ट कहा कि छोटे भूखण्डों के डायवर्शन पर सख्ती से रोक लगाई जाये एवं उनका नामांतरण न किया जाये। संभागायुक्त नें जावरा राजस्व अनुविभाग में आर.सी.एम.एस. (रेवेन्यु केस मैनेजमेंट सिस्टम) में अनुविभाग के काफी पिछडा होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुये एस.डी.एम., जावरा षिराली जैन को निर्देषित किया कि इस संदर्भ में अधिक प्रयास कर तहसील की स्थिति बेहतर बनाएँ। सीमांकन के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु आगामी 15 अक्टूबर से विषेश अभियान चलाए जाने के भी उन्होंने निर्देष दिये। बैठक में आलोट, जावरा, सैलाना, रतलाम सहित संपूर्ण अनुविभाग के राजस्व अधिकारीगण मौजूद थे।
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