संवेदनाओं की बैसाखी पर सियासत कर गए दिग्गी …?

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रतलाम(खबरबाबा.कॉम)।रतलाम जिले के सैलाना में कांग्रेस नेता स्व. प्रभूदयाल गेहलोद के निधन पर शोक जताने आये पूर्व मुख्यमंत्री दिग्गविजय सिंह , अपने प्रवास के दौरान संवेदनाओं की बैसाखी पर सियासत भी कर गए है । दिग्गी राजा के इस दौरे ने रतलाम के कांग्रेसीयो में कुछ हद तक प्राण फूंके लेकिन निर्दलीय नेता पूर्व महापौर दादा को तबज्जो देकर उन कांग्रेस नेताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया जो बुरे वक़्त में भी कांग्रेस के पंजे को जीवित रखे है । दिग्गी राजा साहब के जाते ही स्थानीय कांग्रेस नेता अपने राजनैतिक भविष्य को लेकर चिंतित भी नजर आये। जो अलग अलग गुटो में चर्चा भी करते नजर आये । नेताओ का चिंतित होना लाज़मी भी है , सालो से कांग्रेस की सेवा करने वाले झंडे लगाने, दरी विछाने और भीड़ जुटाने में लगे  रहने वाले नेता चुनाव के मौकों पर हाशिये पर आ जाते है और  माखन मटकी कोई और फोड़ जाता है ।
     कांग्रेस से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले पूर्व महापौर पारस सकलेचा के घर जाकर दिग्गी राजा का यह कहना कांग्रेस को आपकी जरूरत है ,  आगामी विधान सभा चुनाव में  कांग्रेस  का उम्मीदवार होने की तरफ इंगित ही करता है ।  इस से ऐसा भी साबित होता है कि कांग्रेस के  पास चुनाव लड़ने वाले या तो नेता नही बचे है या फिर रतलाम में जितने भी कांग्रेस नेता है उन्हें कांग्रेस या दिग्गी राजा चुनाव के योग्य नेता नही मानते है ? दिग्गी राजा के दौरे के दौरान पार्टी के नेता और आम कार्यकर्ता भी नाराज नजर आये । श्री सिंह को सीधे सर्किट हाउस पर पहुँचना था लेकिन वे पूर्व महापौर के निवास पर पहुँच गये और कार्यकर्ता सर्किट हाउस पर राह देखते रहे । फिर सैलाना चले गए और लौट कर रतलाम तो आये लेकिन लौट कर रतलाम तो आये लेकिन एक नीजि कार्यक्रम में पँहुचे ओर कार्यक्रम से सीधे रेलवे स्टेशन पँहुचे । राजा साहब का इंतजार कर सर्किट हाउस से कार्यकर्ता और नेता वापस चले गए । एक कार्यकर्ता ने तो नाराजी व्यक्त करते हुए कहा कांग्रेस को मजबूत करने आये थे राजा साहब जो कार्यकर्ताओ से मिले बिना ही चले गए , हो गयी ना कांग्रेस मजबूत …..?

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