रतलाम में घरेलू नौकरों,  किराएदारों की सूचना थाने पर देना अनिवार्य,जिला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश

indresh98kumar@gmail.com
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रतलाम, 11 जनवरी(खबरबाबा.काम)। जिले की परिधि मे प्रत्येक नगरीय निकाय में घरेलू नौकरों, किराएदारों, होटल धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्तियों तथा प्राइवेट हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की जानकारी स्थानीय थाने में देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा आगामी 2 माह के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
लोक शांति तथा कानून व्यवस्था के दृष्टिगत जारी आदेश में जिला दंडाधिकारी द्वारा कहा गया है कि रतलाम जिले की परिधि में प्रत्येक नगरीय निकाय में मकान मालिक अपने किरायेदार की व्यवसायी अपने कर्मचारियों एवं कारीगरों की सूचना जो बाहरी क्षेत्र बाहरी जिला एवं प्रांत के निवासी हैं। निर्धारित प्रोफार्मा में संबंधित थाने के थाना प्रभारी से चरित्र प्रमाण पत्र सहित अपने क्षेत्र के थाने में 1 सप्ताह के अंदर देने के लिए बाध्य होगा। होटल, धर्मशाला, लॉज में रुकने वाले यात्रियों की सूचना निर्धारित प्रोफार्मा में यात्रियों की आईडी प्रूफ की छाया प्रति के साथ24 घंटे में संबंधित पुलिस थाने में दिया जाना अनिवार्य होगा। घरेलू नौकरों को रखने वाले व्यक्तियों के लिए उनकी जानकारी 1 सप्ताह में निर्धारित प्रोफार्मा में संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा। प्रायवेट हॉस्टल संचालकों स्वयं की तथा उनके कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी आईडी कार्ड की छाया प्रति के निर्धारित प्रोफार्मा में 1 सप्ताह में संबंधित पुलिस थाने में दिया जाना अनिवार्य होगा।
बंगाली कारीगरों के कार्य पर रखने वाले सोना, चांदी व्यापारियों तथा इनको मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों को इनकी जानकारी 1 सप्ताह में संबंधित पुलिस थाने को दिन होगी। किसी भी धार्मिक स्थल पर बाहर से आकर रहने वाले व्यक्तियों एवं लंबे समय 15 दिवस से अधिक रुक कर धार्मिक प्रवचन देने वाले व्यक्तियों की जानकारी मय आईडी प्रूफ के संबंधित धार्मिक स्थल के संचालक को 24 घंटे में संबंधित पुलिस थाने को देना अनिवार्य होगी। जिले में स्थित समस्त टोल नाकों के संचालकों को टोल नाकों पर काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी उनके आईडी प्रूफ के साथ तत्काल संबंधित पुलिस वाले को देना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति आदेशों का उल्लंघन करेगा तो भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध का दोषी होकर उसे विधि के प्रावधानों के तहत अभियोजित किया जावेगा

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