राजगढ़ पुलिस द्वारा 15 घंटे के भीतर अपहृत 3 बच्चों को सकुशल बरामद करने में मिली सफलता

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राजगढ,17जून(खबरबाबा.काम)। पुलिस ने ब्यावरा बस स्टैंड से अपह्त तीन बच्चों को 15 घंटे के अंदर सकुशल बरामद करने में सफलता हासिल की है। अपहरणकृता युवक फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
राजगढ़ एसपी प्रदीप शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि
14-15 जून की रात अपह्त बच्चों के पिता ने थाना ब्यावरा शहर आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 जून की शाम करीबन 06 बजे वह अपने चार बच्चों पुत्री टीना उम्र 20 साल, पुत्र राजू उम्र 11 साल, पुत्र मोहन उम्र 07 साल और पुत्र सोनू उम्र 03 साल (सभी बच्चों के परिवर्तित नाम) को लेकर भोपाल से बस में ब्यावरा बस स्टैण्ड आया था। जहां से बस पकड़कर उसको छोटी मुरैली थाना चाचैडा जिला गुना जाना था। छोटी मुरैली जाने वाली बस निकल गई थी। जिसके कारण वह अपने चारों बच्चों के साथ बस स्टेैंड ब्यावरा पर बैठा था।इस दौरान शाम 07 बजे करीब एक लड़का जिसकी उम्र करीब 22-25 साल करीब थी वह फरियादी पिता के पास आकर बैठे रहने का कारण जाना और कहा अपनी मोटर साइकल से सभी को छोड़ने की बात कहीं।
इसके बाद आरोपी चला गया और थोड़ी देर बाद देशी शराब का एक क्वार्टर लेकर आया और फरियादी के साथ शराब पीने बैठ गया । शराब पीने के बाद उसने फरियादी और चारों बच्चों को मोटर साइकिल पर बैठाया और बोला कि इतने ज्यादा लोग बैठेंगे तो गाडी नहीं चल पायेगी । फिर उसने फरियादी व उसके लड़के 11 साल के लड़के को मोटर साइकिल से उतार दिया और बोला कि पहले इन लोगों को छोड़कर आता हूं फिर वापस आकर तुम लोगों को ले जाऊंगा। यह कहकर आरोपी पुत्री टीना उम्र 20 साल, पुत्र मोहन उम्र 07 साल और पुत्र सोनू उम्र 03 साल को मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गया। करीब एक- डेढ़ घंटे तक वह वापस नहीं आया तो फरियादी ने आसपास तलाश किया और गांव जाकर पता किया जो पता चला कि तीनों बच्चे वहां नहीं पहुंचे। उस व्यक्ति द्वारा तीनों बच्चों का अपहरण कर लिया गया। जिसकी रिपोर्ट पर थाना ब्यावरा शहर में धारा 365 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा (भापुसे) द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये तत्काल घटनास्थल आकर थाना प्रभारी ब्यावरा शहर को अपहृत बच्चों व अज्ञात आरोपी की तलाश के लिये आवश्यक निर्देश दिये गये तथा अपहृताओं और अज्ञात आरोपी की तलाश हेतु टीमें गठित की गई । एक टीम को गुना तरफ रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में लगाया गया। एक टीम को गुना रोड पर ढाबों को चैक करने हेतु रवाना किया गया। गुना रोड, भोपाल रोड, सुठालिया रोड, इंदौर रोड पर नाकाबंदी शुरू की गई। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया जो जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि अज्ञात आरोपी के हुलिये से मिलता जुलता एक व्यक्ति घटना से पहले शाम करीब 06 बजे मोटर साइकिल से ग्राम अरन्या में देखा गया है। जो ग्राम अरन्या में जाकर पतासाजी की गई जो ज्ञात हुआ कि उक्त अज्ञात व्यक्ति का नाम अजय है जो कि मृगवास जिला गुना का रहने वाला है। उक्त व्यक्ति की पतासाजी हेतु तत्काल एक टीम मृगवास जिला गुना के लिये रवाना की गई। मृगवास जाने वाली पुलिस टीम ने मृगवास अजय के घर पहुंचकर बताया कि अजय एक दो दिन पहले गांव में ही था। जो भोपाल के शाहपुरा क्षेत्र में रहता है। सूचना पर तत्काल एक टीम भोपाल के लिये रवाना की गई तथा मृगवास जाने वाले पुलिस टीम द्वारा लगातार अजय के रिश्तेदारों के घरों पर दबिश दी गयी। पुलिस की लगातार दबिश के परिणाम से मृगवास गांव से करीब 07 किमी की दूरी पर ग्राम बटावदा में अपहृत दो बच्चों मोहन उम्र 07 साल , सोनू उम्र 03 साल को बरामद किया गया।
भोपाल गई हुई पुलिस टीम द्वारा आरोपी अजय के शाहपुरा क्षेत्र के ठिकाने पर दबिश दी गई जो नहीं मिला। इसके बाद आरोपी के रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दी गई। जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि अपहृत टीना उम्र 20 साल के हुलिये से मिलती जुलती एक लड़की त्रिलंगा मार्केट शाहपुरा में बैंक आॅफ बड़ौदा के पास खड़ी है जो सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अपहृता टीना को बरामद किया गया। आरोपी अजय की पतासाजी हेतु कई ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु 10000 रूपये का नकद ईनाम घोषित किया गया है। आरोपी की तलाश के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है शीघ्र ही आरोपी की गिरफ्तारी की जावेगी।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के कुशल निर्देशन में एवं अनुविभागीय अधिकारी(पुलिस) एन.के. नाहर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ब्यावरा शहर डी.पी. लोहिया तथा उनकी टीम उनि धर्मेन्द्र शिवहरे, उनि जगदीश गोयल, उनि रजनीकान्त दुबे, प्रधान आरक्षक पवन भिलाला, आरक्षक मनोहर साहू आरक्षक हेमन्त भार्गव, आरक्षक कृष्णचंद्र तिवारी, आरक्षक संजय वाथम द्वारा अपराध की गंभीरता एवं संबेदनशीलता को देखते हुये कड़ी मेहनत एवं लगन के साथ लगातार दबिश देकर 14 घण्टे के अन्दर अपहृत तीनों बच्चों को बरामद किया।
बच्चों को पुलिस ने दिए उपहार
राजगढ पुलिस ने फरियादी तथा बच्चों के साथ इतना समय बिताया जिससे आत्मीयता बढ़ी। अपहर्ता बच्चों व उसके भाई को पुलिस द्वारा नये बस्त्र, चाॅकलेट के गिफ्ट पैक, ड्राइंग बुक, स्केच पैन, कलर पेन्सिल दिये गये।

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