भोपाल,23 नवम्बर2019/ मध्यप्रदेश सरकार वर्दीधारी और छोटे पदों पर भर्ती की अधिकतम आयु में बदलाव करने का मूड बना चुकी है. सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है. पुलिस विभाग और वन विभाग के राज्य कर्मचारियों के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष करने की तैयारी की जा रही है. महिलाओं और आरक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा 38 वर्ष होगी. साथ ही 2 साल की जगह पर नौकरी 3 साल के लिए पक्की की जाएगी. प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा.
बेरोजगारी पर ब्रेक लगाने भर्ती प्रक्रिया की अधिकतम आयु सीमा में बदलाव कर कमलनाथ सरकार अपना एक और वचन निभाने की प्लानिंग में है. इस प्रस्ताव से ना केवल राज्य के युवाओं का भला हो सकेगा बल्कि दूसरे राज्य के बेरोज़गार भी मध्यप्रदेश का रूख करेंगे. इससे पहले 5 जून 2017 को तत्कालीन शिवराज सरकार ने आयु सीमा में बदलाव किया था. इसमें मध्यप्रदेश के निवासी को 5 साल की छूट देकर वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष की थी. बाहर के लोगों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष यथावत रखी थी.
इस पर हाईकोर्ट का कहना था कि सरकार प्रदेश के मूल निवासी और बाहरी उम्मीदवारों की भर्ती आयु में अंतर नहीं कर सकती. तब से यह मामला अटका हुआ था. हाल ही में विभाग ने वर्दीधारी पदों की आयु पहले की तरह 28 वर्ष करने का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे जीएडी मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने खारिज कर दिया. मंत्री का कहना था कि कांग्रेस हर हाल में अपने वचन को निभाएगी और इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा.
मध्य प्रदेश :सरकारी नौकरी के लिए अधिकतम आयु सीमा में वृध्दि की तैयारी
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