विश्व- स्तरीय होगा मध्यप्रदेश के शहरों का नियोजन। न्यूयार्क, लंदन, टोक्यो, शंघई, हांगकांग, जोहांसवर्ग और म्यूनिख के मास्टर प्लान का किया जा रहा अध्ययन।प्रदेश के 34 शहरों का जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान,लैण्ड पूलिंग एण्ड रियल इस्टेट पॉलिसी बनेगी 

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भोपाल,19नवम्बर(खबरबाबा.काम)/ नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने बताया है कि मध्यप्रदेश के शहरों का नियोजन विश्व-स्तरीय होगा। इसके लिये न्यूयार्क, लंदन, टोक्यो, शंघई, हांगकांग, जोहांसवर्ग और म्यूनिख के मास्टर प्लान का अध्ययन किया जा रहा है। इन्हीं शहरों की तर्ज पर प्रदेश के 34 शहरों का जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान बनाने जा रहे हैं। इन शहरों के महत्वपूर्ण बिन्दुओं ट्रांजिट ओरिएंटेड डेव्हलपमेंट, मिक्स लैण्ड यूज, जोनिंग प्लान और ट्रेफिक इन्पेक्ट स्टडी आदि को प्रदेश के इन 34 शहरों के नियोजन में अपनाया जायेगा।

लैण्ड पूलिंग एण्ड रियल इस्टेट पॉलिसी

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में बहुत जल्द लैण्ड पूलिंग पॉलिसी बनायी जायेगी। इसमें भू-धारकों को स्टेक होल्डर बनाकर भूमि का विकास किया जायेगा। पॉलिसी में हाउसिंग बोर्ड, टूरिज्म और स्थानीय निकाय को भी शामिल किया जायेगा। रियल इस्टेट कारोबार को गति देने के उद्देश्य से वन स्टेट-वन रजिस्ट्रेशन का फार्मूला ला रहे हैं। सरकार ने 2 हेक्टेयर से कम भूमि वालों को भी आवासीय योजना बनाने की अनुमति दी है।

मुख्यमंत्री आवास मिशन में एक लाख से अधिक आवासीय इकाइयाँ स्वीकृत

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रत्येक परिवार के पास निवास योग्य भूमि जरूर होना चाहिये। इसी तारतम्य में 11 सितम्बर, 2019 को मुख्यमंत्री आवास मिशन का शुभारंभ किया गया है। मिशन में एक लाख 15 हजार 892 आवासीय इकाइयों के निर्माण की योजना स्वीकृत हो चुकी है। प्रदेश के डेढ़ लाख भूमिहीन परिवारों को निवास योग्य पट्टे वितरण की कार्यवाही चल रही है।

5 नगरीय निकायों में 380 इलेक्ट्रिक बस

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने बताया कि शहरों को प्रदूषण से बचाने के लिये 5 नगरीय निकायों में 380 इलेक्ट्रिक बस संचालित की जायेंगी। इंदौर में 40 बसों का संचालन भी शुरू हो चुका है।

श्री सिंह ने बताया कि अक्षय जल संचय अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान में 378 नगरीय निकायों में 80 हजार से अधिक रूफ वॉटर हॉर्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाये गये हैं। नगरीय निकायों में 10 लाख पौधे लगाये गये हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों में 11 लाख पारम्परिक लाइटों को एलईडी में बदला जायेगा। इससे स्ट्रीट लाइट की विद्युत खपत 50 प्रतिशत तक कम हो जायेगी।

4 लाख कपड़े के झोले वितरित

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक नागरिकों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग नहीं करने की शपथ ली गई है। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिये 4 लाख कपड़े के झोले वितरित किये गये हैं। सार्वजनिक एवं निजी आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिये 1500 से अधिक बर्तन बैंक बनाये गये हैं। अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के लिये 836 छोटे कचरा संग्रहण वाहन खरीदे जा रहे हैं। साथ ही 83 मटेरियल रिकवरी केन्द्र भी बनाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना

मंत्री श्री सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना लागू कर नगरीय क्षेत्रों के युवाओं को व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण देने के साथ ही 100 दिन का अस्थाई रोजगार अथवा स्टाइपेन्ड दिया जा रहा है। योजना 166 नगरीय निकाय में संचालित है। वर्तमान में 19 हजार 932 हितग्राही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और 18 हजार 396 पात्र हितग्राहियों को 12 करोड़ 10 लाख रुपये स्टाइपेन्ड के रूप में वितरित किये गये हैं।

श्री सिंह ने बताया कि इसके अलावा मेट्रोपालिटन अथॉरिटी, मेट्रो रेल का संचालन और माँ नर्मदा की निर्मलता को बरकरार रखने के लिये नर्मदा किनारे के सभी 21 स्थानीय निकायों में मल-मूत्र निस्तारण प्रबंधन (सेप्टेज मैनेजमेंट) पर कार्य किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि उनके विभागों से संबंधित वचन-पत्र के सभी वचनों को समय-सीमा में पूरा किया जायेगा।

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