बेटियों को शिक्षित करने के लिए हरसंभव प्रयास करें : कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान,बिटिया सम्मान समारोह आयोजित सर्वोच्च अंक लाने वाली छात्राओं को नगद राशि से सम्मानित किया गया

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रतलाम 20 दिसम्बर 2019/ बेटी का जन्म किसी भी परिवार के लिए परम सौभाग्य होता है। बेटी पैदा होना परिवार का गुडलक होता है। सभी पालकगण अपनी बेटियों को बेहतर पढ़ाई के अवसर मुहैया कराएं, उनको शिक्षित करने के हरसंभव प्रयास करें। यह बात कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शुक्रवार को रतलाम में बरबड़ सभागृह पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित बिटिया सम्मान समारोह में संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्रीमती यास्मीन शेरानी, श्रीमती प्रेमलता दवे, सहायक कलेक्टर सुश्री तपस्या परिहार, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्रीमती सुनीता यादव, सहायक संचालक सुश्री अंकिता पंड्या, महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि उपस्थित थी।

कार्यक्रम में हायर सेकेंडरी तथा हाईस्कूल परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक लाने वाली 30 छात्राओं को 5 पांच हजार रुपए नगद राशि से सम्मानित किया गया। साथ ही 25 बेटियों को हेलमेट भी प्रदान किए गए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ प्रयासों में अपना योगदान देने वाले व्यक्ति भी सम्मानित किए गए। साथ ही विभागीय कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर डॉ. सुनीता यार्दे ने कहा कि बेटे-बेटी समान होते हैं। बेटियां किसी से कम नहीं होती हैं, बेटियां परिवार का गौरव होती हैं। बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाना चाहिए। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्रीमती यास्मीन शेरानी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने बेटियों के हित में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान/ निकाह योजना के तहत राशि बढ़ाकर प्रति विवाह 51 हजार रुपए का प्रावधान किया है और भी कई महत्वपूर्ण कदम बेटियों के हित में उठाए जा रहे हैं।

श्रीमती प्रेमलता दवे ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होती हैं वे जहां भी कार्य करती हैं बखूबी अपने कर्तव्यों को अंजाम देती हैं। पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बेटी का पिता होना सौभाग्य की बात होती है। घर में बेटी पैदा होने पर माता-पिता का ह्रदय संवेदनशील होता है वे दूसरों के दुख-दर्द को भी और बेहतर ढंग से समझने लगते हैं। उन्होंने इस संबंध में स्वयं का उदाहरण भी दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बेटियां अपने भीतर की प्रतिभा को पहचाने अपने उन्नति पथ पर आगे बढ़े।

कार्यक्रम में उन बेटियों को नकद राशि से सम्मानित किया गया जिन्होंने हाईस्कूल तथा हायर सेकंडरी परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए। कक्षा दसवीं की जिला मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाली 10 बेटियों को पांच-पांच हजार रूपए प्रदान किए गए। इसी प्रकार कक्षा 12वीं की जिला मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाली 10 बेटियों को भी पांच-पांच हजार रूपए प्रदान किए गए। इसी प्रकार शैक्षणिक क्षेत्र के अंतर्गत 10 अन्य बेटियों को भी 15-15 सौ रुपए की नगद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ बेटियों के सफल जीवन शिक्षा एवं उत्थान की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप श्रीमती प्रेमलता दवे सृष्टि समाजसेवा संस्थान के श्री सतीश टांक व उनकी टीम चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री कैलाश नेहरा, पायल म्यूजिक बैंड के श्री श्रवण डांगी व उनकी टीम तथा ग्राम ढ़ीकवा स्कूल के प्रधानाचार्य श्री गोपाल चौहान को शील्ड एवं सम्मान पत्र भेंट किया गया। कार्यक्रम में जिला परिवहन विभाग के समन्वय से चार बेटियों आरती यादव, पूनम, माया तथा जेबा को निःशुल्क हेलमेट प्रदान किए गए। इसके अलावा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में योगदान के लिए विभागीय कर्मचारियों को भी शील्ड एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लक्ष्य प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को भी सम्मान पत्र एवं शील्ड दी गई। संचालन श्रीमती प्रेरणा तोगडे ने किया।

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