नई दिल्ली, 20जनवरी2020/दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी को आज नया अध्यक्ष मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश से आने वाले जगत प्रकाश नड्डा का निर्विरोध रूप से पार्टी अध्यक्ष चुना जाना तय है. जेपी नड्डा आज नामांकन करेंगे और आज ही उनके नाम का ऐलान किया जा सकता है. अभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही पार्टी अध्यक्ष हैं. अब जेपी नड्डा बीजेपी के 11वें पार्टी अध्यक्ष होंगे.
अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज इस पद पर विराजमान रह चुके हैं, ऐसे में जेपी नड्डा के सामने चुनौती होगी कि वो पार्टी को और आगे बढ़ा सकें. अमित शाह की अगुवाई में जिस तरह पार्टी ने लगातार जीत दर्ज की है और लगातार पार्टी का जनाधार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में जेपी नड्डा के सामने चुनौती होगी कि वो इस जीत के सिलसिले को जारी किया जाए.
जानिए नड्डा का पुरा सफर
मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 2 दिसंबर 1960 को हुआ था. नड्डा 16 साल की उम्र में जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे. इसके बाद सीधे छात्र राजनीति से जुड़ गए. 1982 में उन्हें उनकी पैतृक जमीन हिमाचल में विद्यार्थी परिषद का प्रचारक बनाकर भेजा गया. वहां छात्रों के बीच नड्डा ने ऐसी लोकप्रियता हासिल कर ली थी कि उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार एबीवीपी ने जीत हासिल की.
1989 में जेपी नड्डा ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बने. 1991 में बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने. 1993 में वे हिमाचल प्रदेश से विधायक चुने गए और 1994 से लेकर 1998 तक राज्य विधानसभा में पार्टी के नेता रहे. 1998 में ही उन्हें स्वास्थ्य और संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया. 2007 में उन्होंने एक बार फिर जीत हासिल की. इस बार उन्हें वन पर्यावरण मंत्री बनाया गया.
2010 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया. 2012 में नड्डा का करियर ग्राफ एक बार फिर चढ़ा और वे राज्यसभा में आ गए. 2014 में उन्हें बीजेपी संसदीय समिति का सचिव नियुक्त किया गया. 2014 में कैबिनेट पुनर्गठन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाया.
अपने राजनीतिक करियर में नड्डा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के प्रभारी और चुनाव प्रभारी रहे. बीजेपी में उनका कद लगातार बढ़ता रहा. उन्हें बीजेपी की निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी संस्था बीजेपी संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया. यही नहीं, वे बीजेपी के केंद्रीय इलेक्शन कमेटी के सदस्य भी बने.अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में नड्डा को यूपी का जिम्मा सौंपा यहां पर उन्होंने गुजरात बीजेपी के नेता गोवर्धन झड़पिया के साथ काम किया और पार्टी को 50 फीसदी से ज्यादा वोट और 64 सीटें दिलाईं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ नड्डा के नजदीकी रिश्ते रहे हैं. मोदी जब हिमाचल के प्रभारी हुआ करते थे तब से दोनों के बीच अच्छे समीकरण रहे हैं. दोनों अशोक रोड स्थित बीजेपी मुख्यालय में बने आउट हाउस में रहते थे. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय भी संभाला.
इस बार जब उन्होंने शपथ नहीं ली तो लगभग तय माना जा रहा था कि पार्टी अध्यक्ष का पद जगत प्रकाश नड्डा के लिए ही रखा गया है, जिस पर सोमवार को मुहर भी लग गई.नड्डा सबसे शक्तिशाली दल के शीर्ष पर पहुंच गए हैं अब उनके लिए पहली सबसे बड़ी चुनौती बिहार और पश्चिम बंगाल में है. इसके बाद असम सहित कई राज्यों के चुनाव होने हैं.
जेपी नड्डा बीजेपी के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे. ऐसे में एक नज़र डालिए कि पार्टी विद डिफरेंस का नारा देने वाली भाजपा की कमान अभी तक किस-किसने संभाली है.
1. अटल बिहारी वाजपेयी, 1980-86
2. लालकृष्ण आडवाणी, 1986-91
3. मुरली मनोहर जोशी, 1991-93
लालकृष्ण आडवाणी, 1993-98
4. कुशाभाऊ ठाकरे, 1998-2000
5. बंगारु लक्ष्मण, 2000-01
6. जन कृष्णमूर्ति, 2001-02
7. वेंकैया नायडू, 2002-04
लालकृष्ण आडवाणी, 2004-05
8. राजनाथ सिंह, 2005-09
9. नितिन गडकरी, 2009-13
राजनाथ सिंह, 2013-14
10. अमित शाह, 2014-20
11. जेपी नड्डा, 2020….
(साभार-आज तक)
शाह-राजनाथ ने पेश किया जेपी नड्डा के नाम का प्रस्ताव, BJP अध्यक्ष बनना तय,BJP के 11वें अध्यक्ष होंगे नड्डा
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