समर्थन मूल्य पर इस वर्ष करीब 1 लाख 20 हजार मेट्रिक टन गेहूं उपार्जन संभावित,कलेक्टर ने की उपार्जन तैयारियों की समीक्षा

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रतलाम 22 जनवरी 2020/ रतलाम जिले में गेहू के रकबे में 15 प्रतिशत की वृद्धि के मद्देनजर इस वर्ष शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर करीब 1 लाख 20 हजार मैट्रिक टन गेहूं उपार्जन की संभावना है। रबी मौसम में लगभग 1 लाख 74 हजार हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने इस वर्ष समर्थन मूल्य पर किए जाने वाले गेहूं उपार्जन तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देशित किया। इस बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री विवेक सक्सेना, उपायुक्त सहकारिता श्री परमानंद गोडरिया, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक श्री आलोक जैन, जिला विपणन अधिकारी सुश्री स्वाति राय, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम श्री सतीश आगार, जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउस हाउस लॉजिस्टिक कारपोरेशन श्री विपिन लाड, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री राकेश गर्ग तथा उपसंचालक कृषि श्री जी.एस. मोहनिया उपस्थित थे।
बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में 1 लाख 33 हजार मैट्रिक टन गेहूं भंडारण के लिए जिले में गोडाउन उपलब्ध है। कलेक्टर द्वारा गेहूं भंडारण हेतु ओपन कैप निर्माण के लिए भी प्रस्ताव शासन को भिजवाने के निर्देश अधिकारी को दिए गए। उपार्जन तैयारियों के संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि गेहूं खरीदी के लिए समय सीमा में तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। गेहूं खरीदी के लिए कृषक पंजीयन भी किया जाना है, इसके लिए जिले में 50 केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा एमपी किसान ऐप, ई-उपार्जन, मोबाइल ऐप, पब्लिक डोमेन में ई-उपार्जन पोर्टल पर भी किसान द्वारा अपना पंजीयन किया जा सकता है।
कलेक्टर ने समीक्षा में निर्देशित किया कि इस वर्ष गेहूं खरीदी उन केंद्रों पर नहीं की जाएगी जहां पिछले वर्ष शिकायत आई थी। कलेक्टर द्वारा किसान पंजीयन केंद्रों पर ऑपरेटर, कंप्यूटर सिस्टम तथा बैनर इत्यादि व्यवस्था के निर्देश दिए गए। यह सुनिश्चित करने को कहा कि पंजीयन कार्य तेज गति के साथ होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि किसान पंजीयन के विभिन्न साधनों जैसे किसान ऐप, मोबाइल ऐप, ई-उपार्जन पोर्टल का उपयोग कृषकों द्वारा व्यक्तिगत मोबाइल एवं कंप्यूटर से भी किया जा सकेगा। पात्र संस्थाओं के द्वारा भी पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के समय कृषक को मूलभूत जानकारी में नाम, समग्र आईडी नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, बैंक का आईएफएससी, मोबाइल नंबर तथा विक्रय तिथियों के तीन विकल्प देने होंगे।
पंजीयन की प्रक्रिया में बताया गया है कि विगत वर्ष के पंजीकृत किसानों के लिए उपार्जन पोर्टल एवं एमपी किसान ऐप पर रबी विपणन वर्ष 2020-21 के अंतर्गत पंजीयन मास्टर पर दो विकल्प उपलब्ध होंगे यथा विगत वर्ष के पंजीकृत किसान एवं नवीन किसान पंजीयन। विगत वर्ष के पंजीकृत किसान के विकल्प पर क्लिक करने के उपरांत जो विकल्प प्रदर्शित होंगे उनमें मोबाइल नंबर, समग्र सदस्य आई डी तथा विगत रबी मौसम के किसान पंजीयन कोड सम्मिलित है। उक्त में से कोई भी एक विवरण दर्ज करने पर किसान का नाम, भूमि का विवरण, बोई गई फसल, बैंक खाता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। किसान का नाम, बैंक खाता, मोबाइल नंबर की जानकारी विगत वर्ष के उपार्जन किसान पंजीयन डाटा से तथा भूमि का रकबा एवं बोई गई फसल का विवरण इस वर्ष की गिरदावरी से लिया जाएगा। उक्त अनुसार किसान की जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर अथवा ऐप की दशा में मोबाइल की स्क्रीन पर पंजीयन के समय प्रदर्शित होगी जिसे किसान द्वारा भी देखा जा सकेगा जिसमें उन्हें उपज विक्रय करने की अधिकतम 3 दिनांक तथा संभावित विक्रय मात्रा को अंकित करना होगा। पंजीयन की सूचना किसान को एसएमएस एवं ई-उपार्जन पोर्टल से प्रिंट आउट निकालकर प्राप्त की जा सकेगी। नवीन किसानों का पंजीयन मोबाइल एप एवं वेब एप्लीकेशन में दी गई प्रक्रिया अनुसार भरना होगा। किसान का नाम, बैंक खाता, आईएफएससी, शाखा का नाम, मोबाइल नंबर, फसल के तीन दिनांक की जानकारी प्रविष्ट करना होगी। किसान गिरदावरी में दर्ज भूमि एवं फसल का विवरण एवं बोई गई फसल से संतुष्ट ना होने पर किसान के पंजीयन के पूर्व किसान द्वारा भूमि एवं बोई गई फसल में संशोधन हेतु गिरदावरी में दावा-आपत्ति, उपार्जन कार्य प्रारंभ होने के पूर्व करना होगी। दावा आपत्ति का निराकरण होने एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर किसान की संशोधित जानकारी आने पर पंजीयन किया जा सकेगा।

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