आचार्यश्री पुलक सागर जी के मुखारविंद से 16 से 21 तक होगा ज्ञान गंगा महोत्सव

indresh98kumar@gmail.com
3 Min Read
रतलाम,15फरवरी(खबरबाबा.काम)। सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आचार्य श्री पुलक सागर सेवा समिति रतलाम के तत्वावधान में 16 फरवरी से ज्ञान गंगा महोत्सव आयोजित होगा। आगामी 21 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे से तोपखाना चौराहा पर
आचार्य पुष्पदंत सागरजी महाराज के यशस्वी शिष्य, राष्ट्रसंत,भारत गौरव प.पु. आचार्य श्री 108 श्री पुलक सागर जी महाराज के अमृत प्रवचन होंगे।
आचार्य श्री पुलक सागर सेवा समिति रतलाम के सरंक्षक चंद्रप्रकाश पांडे,अध्यक्ष राजेश जैन भूजियावाला, सचिव अभय जैन ने बताया कि ज्ञान गंगा महोत्सव में पारिवारिक,
सामाजिक,व्यक्तिगत व राष्ट्रहित में आचार्यश्री के प्रवचन रखे गए है। उन्होंने ने सभी धर्म प्रेमी नागरिकों से इस अवसर पर अधिक से अधिक उपस्थित होकर आचार्यश्री के प्रवचनों का लाभ लेने का आव्हान किया है।
पुण्य का कटोरा बड़ा करो,कृपा बरसेगी
आचार्य पुष्पदंत सागरजी महाराज के यशस्वी शिष्य, राष्ट्रसंत,भारत गौरव प.पु. आचार्य श्री 108 श्री पुलक सागर जी महाराज ने शुक्रवार को कहा कि भगवान सबको वीतराग भाव से देते है। वे राग-द्वेष से कभी कोई कार्य नहीं करते। वे यदि समान रूप से देते है,तो हमे बराबर क्यों नही मिल रहा है। इसका कारण यह है कि हमने पाप की छतरी लगा रखी है। पाप की ये छतरी हटा दो और पुण्य का कटोरा बड़ा करो,इससे निश्चित सभी पर कृपा बरसेगी।
आचार्यश्री ने गोशाला रोड़ स्थित आचार्यश्री सम्मति सागर त्यागी भवन (साठ घर का नोहरा) में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अनाज का काम भूख मिटाना है। सूरज का काम प्रकाश देना है। वे कभी भेदभाव नही करते और समान रूप से सबको देते है। उनका देना योग्यता से होता है। परमात्मा में भी संसार और मोक्ष दोनों देने की योग्यता है। यह हम पर निर्भर है कि हम क्या प्राप्त करते है। माइक का काम है आवाज देना,लेकिन वह वही सुनाता है,जो बोला जाता है। बारिश भी समान होती है,लेकिन कोई नही भीगता तो उसका कारण छतरी लगा लेना होता है। परमात्मा की कृपा का भी यही हाल है। वे समान रूप से देते है,लेकिन कम उसे ही मिलता है,जिसने पाप की छतरी लगा रखी हो। धर्मसभा का संचालन अभय जैन द्वारा किया गया।
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *