नई दिल्ली, 6फरवरी2020/कोरोनावायरस का असर कारोबार पर पड़ना प्रारंभ हो गया है। हीरों से लेकर कपास तक पर इसका प्रकोप महसूस होने लगा है। जानकारी के मुताबिक देश-विदेश में हीरा कटिंग और पॉलिश के मशहूर सूरत आठ हजार करोड़ गंवाने के मुहाने पर आ गया है।
वहीं चीन को ढाई लाख कपास की गांठों का निर्यात होना था जो अब दो सप्ताह के लिए टल गया है। हीरा व्यापारियों का अंदाजा है कि मार्च तक उनके आठ हजार करोड़ रुपये का कारोबार डूब जाएगा। गौरतलब है कि हांगकांग को बड़ी मात्रा में हीरों का निर्यात किया जाता है और कोरोना के चलते यहां आपातकाल घोषित हो गया है।
इससे कारोबारी गतिविधियां ठप होने लगी हैं और जिन गुजरातियों का वहां पर दफ्तर है वे अब उसे बंद करके वापस आ रहे हैं। गौरतलब है कि भारत दुनिया भर में हीरों की कटाई और पॉलिश के काम का दूसरा नाम है और सूरत इसमें सिरमौर है। देश का हीरा कारोबार 23 अरब डॉलर का है और देश का 80 फीसदी हीरा निर्यात सूरत से ही होता है। हीरे को चमकदार बनाने के इतने अधिक काम के चलते कहा जाता है कि दुनिया में हर 15 में से 14वां हीरा भारत में तैयार होता है।
बाजार जल्द नहीं सुधारा तो होगा कई हजार करोड़ का नुकसान
जेम्स एडं ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश नावादिया ने बताया कि सूरत से हांगकांग को हर साल 50 हजार करोड़ रुपये के हीरों का निर्यात होता है। अगर हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो सूरत का हीरा कारोबार हजारों करोड़ रुपये का कारोबार गंवा सकता है।
जले पर नमक: रद्द हो सकती है आभूषण प्रदर्शनी
एक हीरा कारोबारी प्रवीण नानावती ने कहा कि इस बात की संभावना है कि हांगकांग में अंतरराष्ट्रीय आभूषण प्रदर्शनी रद्द हो जाए। ऐसा होता है तो सूरत का आभूषण कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि सूरत में बने पालिश हीरे और आभूषण हांगकांग के जरिये दुनियाभर में भेजे जाते हैं। लेकिन अब वहां के खराब हालात से कारोबार पूरी तरह बंद हो गया है।
(साभार-अमर उजाला)
कोरोना का हीरा कारोबार पर कहर, 8000 करोड़ गंवाने के कगार पर सूरत के कारोबारी
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