माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर प्रशासन कसेगा शिकंजा, कलेक्टर ने कहा कोई भी पीड़ित व्यक्ति प्रशासन को कर सकता है शिकायत

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रतलाम 24 फरवरी 2020/ जिले में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के संबंध में कोई भी पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत प्रशासन को दर्ज करा सकता है। समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चैहान ने निर्देश दिए कि कंपनियों के कर्ज जाल में फंसा कोई भी व्यक्ति अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े अथवा अपने क्षेत्र के एसडीएम को शिकायत दर्ज करा सकता है। अपर कलेक्टर को इस संबंध में नोडल अधिकारी बनाया गया है कलेक्टर ने बैठक में अन्य विभागों की योजनाओं कार्यक्रमों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप केरकेट्टा तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के संबंध में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री राकेश गर्ग को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि कंपनियों से पीड़ित कोई भी व्यक्ति आपके पास आता है तो उसकी शिकायत बकायदा रजिस्टर की जाए। शिकायत पर तत्काल एक्शन ली जाए।
कलेक्टर ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना की समीक्षा करते हुए उप संचालक कृषि श्री जी.एस. मोहनिया को जिले की शेष बची तहसीलों में भी ऋण माफी कार्यक्रम आयोजन की तैयारियों के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपायुक्त सहकारिता को यहां सुनिश्चित करने को कहा कि दूसरे चरण में सैलाना, बाजना रावटी तथा ताल के लाभान्वित किए गए कर्ज माफ हुए वाले पात्र शत-प्रतिशत किसानों को ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र मिल जाए। इस आशय का प्रमाण पत्र भी उपायुक्त सहकारिता प्रस्तुत करें।
राज्य शासन द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री मदद योजना के तहत पात्र आदिवासी परिवारों को लाभान्वित किए जाने हेतु कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव द्वारा समय सीमा में आदिवासी परिवारों में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएं ताकि संबंधित परिवार को शासन द्वारा निशुल्क प्रदाय किए जाने वाले खाद्यान्न की पूर्ति की जा सके। योजना में आदिवासी परिवार में जन्म के अवसर पर 50 किलोग्राम तथा मृत्यु के अवसर पर 100 किलोग्राम खाद्यान्न निशुल्क प्रदान किया जाता है। मदद योजना में आदिवासी पंचायतों में दिए जाने वाले बर्तनों की टेंडर कार्रवाई जारी है। जिले में बीपीएल परिवारों के सत्यापन के लिए जारी अभियान के तहत सैलाना तथा बाजना विकास खंडों में बचे हुए कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इस संबंध में कलेक्टर ने बाजना तथा सैलाना के जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा कि यदि समय सीमा में कार्य नहीं हुआ तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी यह उनको अंतिम चेतावनी है।
राज्य शासन की स्व रोजगार मूलक मुख्यमंत्री योजनाओं की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बैंक शाखाओं के प्रबंधकों द्वारा प्रकरणों में स्वीकृति के साथ ही वितरण की कार्रवाई भी समय सीमा में की जाना चाहिए यदि किसी बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा हितग्राही के साथ दुर्व्यवहार का प्रकरण सामने आता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित रूप से की जाएगी।

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