रतलाम: बेटियों ने निभाया बेटों का फर्ज, कांधा दिया और अग्नि देकर किया अंतिम संस्कार

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रतलाम,3अक्टूबर(खबरबाबा.काम)। रतलाम में दो बेटियों ने एक बार फिर समाज मे बेटी के महत्व को प्रतिपादित किया।

दरअसल रतलाम के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में कार्यरत श्रीमती मीरा मीणा का ह्रदयघात से निधन हो गया। श्रीमती मीरा के केवल दो बेटियां ही है । बेटा कोई नही है। श्रीमती मीरा के पति प्रकाश मीणा की वर्ष 2003 में मृत्यु हो चुकी थी। जब दोनों बेटियां बहुत छोटी थी। पति की जगह उनको नोकरी मिली। रतलाम में अकेले रहकर दोनो बच्चियों को पालपोषकर बड़ा किया। पढ़ाया लिखाया ओर समाज मे अच्छी जगह शादी की। दोनो बेटिया भोपाल में है। 30 सितंबर को श्रीमती मीणा सुबह ड्यूटी पर डीआरएम आफिस गयी। दोपहर में भोजन अवकाश में वापस घर आई तो उनकी तबियत कुछ ठीक नही लगी। वह भोजनावकाश के बाद वापस आफिस नही गयी। स्वास्थ ठीक नही होने की सूचना कर दी। अचानक शाम को उनको ह्रदयाघात होता है। शहर में हॉस्पिटल में इलाज हेतु उनके स्थानीय रिश्तेदारो ने उन्हें भर्ती किया और उनकी बेटियों को भोपाल सूचित किया। सूचना मिलने पर दोनो बेटियां अपने पतियों के साथ रतलाम आई। यहां से बेटियां ओर दामाद उन्हें इंदौर इलाज के लिए ले गए। जहां उनको दूसरा ह्रदयघात आने से स्वास्थ्य और बिगड़ गया और उनका कल निधन हो गया।हालांकि उनके साथ उनके रिश्तेदार भी इंदौर साथ मे थे। वह अपनी माँ के शव को लेकर रात को ही रतलाम आई। यहां सुबह उन्होंने अपनी माँ का अन्तिम संस्कार किया। बकायदा मा की अर्थी को कांधा दिया। अंत यात्रा में दोनो बेटिया साथमे मुक्तिधाम पहुची। वहां उन्होंने अपनी माँ की चिता को अग्नि देकर बेटे होने का फर्ज निभाया।

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