
रतलाम,13नवम्बर(खबरबाबा.काम)।एसएसपी रेडियो और रतलाम के पूर्व एसपी अमित सिंह रविवार को रतलाम आए। यहां उन्होंने अपने तरीके से डायल-100 की मुस्तैदी की भी जांच की।
श्री सिंह रविवार सुबह रतलाम दौरे पर पंहुचे ,जहां उन्होंने शहर के थानों के साथ ही लाईन पहुंचकर रेडियो आफिस एंड कंट्रोल सेंटर में भी निरीक्षण किया। लाइन निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी अभिषेक तिवारी भी पहुंचे। इसके बाद एसएसपी ने पुलिस सर्विलांस वाहन के कैमरों से सीधे कंट्रोल रूम पर आने वाले वीडियो फुटेज देखे। इस वाहन से मौके से ही 360 डिग्री कैमरे से लाइव स्थिति देखी व समझी जा सकती है।
अजगर की सूचना मिली तो अब रेसक्यू करो….
उन्होंने डायल-100 और अन्य पुलिस से जुड़ें विभागों की मुस्तैदी रोचक तरीकों से जांची। इसके लिए उन्होंने दोपहर करीब 12 बजे नाम गुप्त रखकर डायल-100 पर लाईन से ही फोन लगाया। सूचना देने के करीब 12वें मिनट में ही डायल-100 मौके पर पंहुच गई तो देखा कि सूचना उनके विभाग के एसएसपी ने दी है। डायल-100 में तैनात आरक्षक पवन से श्री सिंह ने पूछा कि अजगर है तो अब उसे पकड़ो। इसपर आरक्षकों ने वन विभाग को फोन भी लगाया, लेकिन वहां से कोई रिस्पॉस नहीं मिला तो आरक्षक ने बताया कि वन विभाग से मदद नहीं मिल रही। इस पर श्री सिंह ने कहा कि जब फोन पर ही अजगर होने की सूचना मिल चुकी थी तो पुलिस टीम को क्विक रिस्पॉस के लिए पहले से ही विभाग से बात करनी चाहिए या किसी रेस्क्यू कर्मचारी को लेकर आना चाहिए था। उन्होंने आरक्षकों से सांप पकड़ने वाले किसी व्यक्ति से संपर्क करने को कहा। इसपर जब मौजूद आरक्षकों ने अपने साथियों से फोन लगाकर सांप पकड़ने वाले का नाम, पता बताने को कहा तो श्री सिंह ने फिर समझाया और कहा कि इस तरह के इमरजेंसी नंबर सभी डायल-100 के पास होना चाहिए। इस दौरान करीब 20-25 मिनट का समय लगने पर श्री सिंह ने कहा कि यदि सच में यहां अजगर होता तो इतने समय में किसी को नुकसान पंहुचा सकता था या घर में भी जा सकता है।
फायर एक्टिंग्विशर एक्सपायर मिला तो जताई नाराजगी
इसके बाद श्री सिंह ने वाहन का भी निरीक्षण किया। डॉयल-100 में अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली टूलकिट जांची जो हादसे के समय प्रांरभिक सहायता के लिए जरूरी है। उन्होंने जब फर्स्ट एड किट देखी तो दवाईयां एक्पायर मिली। वाहन में रखे फायर एक्टिंग्विशर की एक्पायरी डेट निकली हुई दिखी तो एसएसपी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसे तत्काल बदलाएं और पूरे जिले में सभी डायल 100 को यह निर्देश दें। उन्होंने कहा कि डायल 100 सबसे पहले पहुंचने वाला पुलिस तंत्र है और 90 प्रतिशत मामलों में यहां मदद मिल सके तो हादसों में घायल होने वालों को बचाने का चांस बढ़ जाता है।



