तीर्थ श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ पर उत्साह और उल्लास के साथ अभूतपूर्व माहौल में निकली रथयात्रा

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धर्म समाचार,2जनवरी(खबरबाबा.काम)। नूतन वर्ष 2023 के प्रथम दिन ख्यात तीर्थ श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ पर उत्साह और उल्लास के साथ अभूतपूर्व माहौल में रथयात्रा निकाली गई। महाराष्ट्र प्रदेश के वाशिम जिले की मालेगांव तालुका के शिरपुर ग्राम पर स्थित श्री अंतरिक्ष पार्श्वनाथ तीर्थ का जैन दर्शन के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।

रथयात्रा का आयोजन तीर्थंकर कुंथुनाथ भगवान की प्रतिमा की अगवानी के उपलक्ष्य पर था। जिनशासन के गौरव संत प्रवर श्री विमलहंस विजयजी एवम् परमहंस विजयजी महाराज साहेब की निश्रा रथयात्रा को आलोकित कर रही थी। रथयात्रा में साध्वी सौम्यप्रज्ञाश्रीजी भी अपनी धवल सेना के साथ मौजूद थी।
रथयात्रा का प्रमुख आकर्षण चौदह रत्नों को प्रदर्शित कर रहे पोस्टर और नो निधान थे।

56 दिगकुमारिया रथयात्रा के वैभव को बढ़ा रही थी। भगवान के रथ के आगे श्रावक और श्राविकाएं रंगबिरंगे परिधान में भारतीय संस्कृति की विविधता को झलका रहे थे।

महाराष्ट्र के वाशिम जिले की मालेगांव तहसील के शिरपुर स्थित तीर्थराज पारसनाथ नगरी अंतरिक्ष पार्श्वनाथ में बीते एक पखवाड़े से श्वेतांबर जैन समाज उत्सव मना रहा है।

उल्लेखनीय है कि श्वेतांबर जैन समाज इस पवित्र पावन तीर्थ पर 24 तीर्थंकरों की अप्रतिम सौंदर्यशाली प्रतिमाओं से युक्त एक शानदार जिनालय का निर्माण कर रहा है। इस विशाल मंदिर की खास बात यह है कि मंदिर निर्माण सफेद संगमरमर के पत्थरों से हो रहा है। इसके लिए कारीगर उड़ीसा से यहां आए है। उनके हाथों से उकेरी जा रही मंदिर की शिल्पकला इतनी महिन और मनमोहक है कि देखने वाले अपलक देखते रहते है। पत्थरों पर उकेरी जा रही कलाकृतियां गढ़ने के लिए

400 शिल्पकार रात दिन पसीना बहा रहे है। निर्माणाधीन जिनालय एक अलौकिक देवविमान के समरूप प्रतित होता है।
कहा जा रहा है की महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए यह अब तक का सबसे विशाल150 फीट ऊंचाई का मंदिर होगा। मंदिर में जैन आराध्य 24 तीर्थंकरों की वर्ण अनुरूप रंगों की प्रतिमाएं प्राण प्रतिष्ठित होगी।

वैसे तो अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर के कारण शिरपुर का यह तीर्थ देशभर में ख्यात है। लेकिन निर्माणाधीन यह भव्य मंदिर जब अपने सम्पूर्ण आकार में आएगा तब इस तीर्थ की ख्याति में चार चांद लगना तय है।राजस्थान की विभिन्न पत्थर खदानों से लगभग 600 ट्रक संगमरमर पत्थर इस अद्भुत मंदिर के निर्माण में अभी तक प्रयुक्त हो चुके है।

150 फीट ऊंचाई में निर्मित हो रहे इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है की इसमें स्थापित होने वाली 24 तीर्थकर भगवान के दर्शन एक नजर से हो सकेंगे।

चतुर्मुखी आकार में बन रहे, इस जिनालय में 17 वें तीर्थंकर चक्रवर्ती प्रभु कुंथुनाथ भगवान की भराने का लाभ मुंबई निवासी नरेंद्र भाई धर्मेश भाई शाह परिवार ने लिया । कार्यक्रम में मुंबई रतलाम और आगर सहित कई शहरों के धर्मालूजन शामिल हुए।

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