रतलाम: पटवारी हड़ताल- ना नोटिस दिया, ना सस्पेंड आदेश जारी हुए…. फिर क्यों हड़ताल? किसानों की भी अपील- सर्वे के समय मत करो हड़ताल

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रतलाम,13मार्च(खबरबाबा.काम)। जिले के पटवारियों ने कल से 3 दिन से अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है, लेकिन पटवारियों के अचानक इस तरह के आंदोलन को लेकर आमजन के मन में कई तरह के सवाल आ रहे है।

मध्य प्रदेश पटवारी संघ की और से दिए गए सूचना पत्र में हड़ताल पर जाने के मुख्य कारणों में से एक 2 पटवारी के निलंबन को बताया गया है। जबकि कलेक्टर श्री सूर्यवंशी या एसडीएम ने अभी तक उन दोनों में से किसी भी पटवारी को ना तो शोकॉज नोटिस जारी किया है ना ही निलंबन आदेश जारी किया है। ऐसी स्थिति में जबकि कलेक्टर एक सक्षम प्राधिकारी है और अनुशासनहीनता, अनियमितता या लापरवाही पर कलेक्टर को एक्शन लेने का अधिकार है फिर भी कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता रखते हुए अभी तक किसी भी पटवारी को ना तो नोटिस जारी किया गया ,नाही निलंबन आदेश। ‌इसके बावजूद पटवारी हड़ताल पर चले गए हैं जो समझ से बाहर है।

सूचना पत्र में कलेक्टर द्वारा ज्ञापन लेने के लिए मिलने से इंकार करना भी बताया गया है। जबकि 2 दिन पूर्व ही कलेक्टर द्वारा पटवारियों से स्वयं ज्ञापन लिया गया था।

वर्तमान में असामायिक बारिश और ओलावृष्टि से कई क्षेत्रों में फसलें खराब हुई है। किसानों को मुआवजे के लिए सर्वे का इंतजार है। ऐसे समय जब किसानों को जरूरत है उस समय इस तरह की हड़ताल क्या उचित कही जा सकती है? करमदी के किसान राजेश पुरोहित ने भी पटवारियों से अपील की है कि अभी खराब हुई फसल के सर्वे के समय हड़ताल नहीं की जाए।

उम्मीद है कि जन भावनाओं को समझ कर और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई नहीं हो, शासन प्रशासन के उद्देश्य को समझकर पटवारी शीघ्र अपनी हड़ताल समाप्त करेंगे।

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