रतलाम: अपने उद्देश्य पर खरा नहीं उतर पाया प्रबुद्धजन संवाद, चर्चा और सवाल के लिए तैयारी से आए थे कई लोग, लेकिन बोलने तक का मौका नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने की प्रदेश के विकास की चर्चा,प्रदेश के पहले गोल्ड काम्पलेक्स का भी किया शिलान्यास

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रतलाम,8अप्रैल(खबरबाबा.काम)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रतलाम दौरे पर आयोजित किया गया प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम अपने उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर पाया। कहने को तो कार्यक्रम का नाम ‘प्रबुद्धजन संवाद आपकी राय बनेगी एम.पी. की राह’ था लेकिन आयोजन में तैयारी के साथ आए लोगों को बोलने तक का मौका नहीं मिला। सीएम ने अपनी बात कहीं और चले गए।

सीएम के रतलाम दौरे के अवसर पर प्रमुख कार्यक्रमों में एक प्रबुद्धजन संवाद भी था, जिसके लिए लगभग 400 लोगों को आमंत्रण दिए गए थे। आयोजन में सीएम को प्रबुद्धजनों से संवाद कर उनकी बात भी सुनना थी। कार्यक्रम के लिए लोग भी पूरी तैयारी के साथ आए थे। कई को कुछ सुझाव देने थे तो कई को सवाल पूछना थे। लेकिन यह सभी लोग उस समय निराश हो गए जब इन्हें बोलने का मौका तक नहीं मिला और सिर्फ बात सुनकर वापस लौटना पड़ा। आमंत्रित लोगों के बीच इस तरह का आयोजन चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ने प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह कहा


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘प्रबुद्धजन संवाद आपकी राय बनेगी एम.पी. की राह’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की गतिशील अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि उत्पादन में म.प्र. में 700 प्रतिशत वृद्धि हुई है। सिंचाई रकबा भी 2003 की तुलना में बढकर 46 लाख हेक्टेयर हो गया है। हमारा लक्ष्य सिंचाई रकबा बढाकर 65 लाख एकड़ करने का है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रतलाम में प्रदेश के पहले गोल्ड काम्पलेक्स, 300 बिस्तर के चिकित्सालय भवन, आडिटोरियम एवं आवासगृहों का भूमिपूजन कर शिलान्यास पट्टिकाओं का अनावरण भी किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में रतलाम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रतलाम एवं प्रदेश का देश में नाम रोशन करने वाले 15 युवा एचीवर्स को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में आज म.प्र. का योगदान चार फीसदी से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि म.प्र. देश के टाप 10 राज्यों में शामिल हो गया है। आज म.प्र. में तेजी से औद्योगिक निवेश आ रहा है। म.प्र. की औद्योगिक विकास दर 24 प्रतिशत है। म.प्र. में चार लाख किलोमीटर से अधिक सडकें बनी हैं, सडकों का जाल बिछा है। दिल्ली-मुम्बई कारीडोर भी बन रहा है। रतलाम फिर से इंडस्ट्रीयल हब बनेगा।
उन्होंने कहा कि नर्मदा का पानी बदनावर तक ला ही रहे है, नर्मदा के जल को रतलाम तक भी लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नर्मदा एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे, अटल एक्सप्रेस-वे तो बन ही रहे हैं, हम बडे शहरों में यातायात को सुगम बनाने के लिए रोप-वे का निर्माण भी करवाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने म.प्र. के अभूतपूर्व विकास की चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में प्रतिव्यक्ति आय 13 हजार रुपए थी, जो आज 1.40 लाख रुपए हो गई है। सकल घरेलू उत्पादन भी काफी बढ गया है।
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री श्री सचिन चतुर्वेदी ने म.प्र. के विकास के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि म.प्र. निरन्तर आर्थिक समृद्धि की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। म.प्र. भारत का एकमात्र राज्य है जिसका अपना सांख्यिकीय आयोग बना हुआ है। म.प्र के बजट में 1 हजार करोड रुपए का प्रावधान स्कील डेवलपमेंट के लिए किया गया है। म.प्र. का बजट आज 3 लाख करोड का है, म.प्र. में कृषि क्षेत्र में भी भागीदारी बढी है। औद्योगिकीकरण के लिए भी बजट को बढाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक डेवलपमेंट के लिए अप्रेंटिसशिप को भी डेवलप करना पडेगा। म.प्र. में वित्तीय अनुशासन है। म.प्र. ने वित्तीय सीमा में कार्य करते हुए बजट बढाया है, वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। म.प्र. देश का पहला राज्य है जहां सोशल इंपेक्ट बाण्ड शुरू किया गया है। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि म.प्र. सर्वसमावेशी विकास के माडल के साथ निरन्तर तेजी से आगे बढ रहा है। उन्होंने रतलाम के प्रबुद्धजनों से आव्हान किया कि वे प्रदेश के विकास में सहभागिता निभाएं और फूड प्रोसेसिंग के लिए निवेशक आगे आएँ। जावरा के एसडीएम श्री हिमांशु प्रजापति ने रतलाम जिले की विकास गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। प्रारम्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ओ.पी.एस. भदौरिया, रतलाम सांसद गुमानसिंह डामोर, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक चेतन्य काश्यप, डा. राजेन्द्र पाण्डे, दिलीप मकवाना, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती लालाबाई शंभूलाल, महापौर प्रहलाद पटेल, जिला योजना समिति सदस्य राजेन्द्रसिंह लुनेरा, सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री नीति आयोग के सचिन चतुर्वेदी ,पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, जन अभियान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप पांडे, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के चेयरमेन भरत बैरागी, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय व अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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