रतलाम: एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा का सख्त रवैया-रतलाम पुलिस को बदलनी होगी अपनी कार्यप्रणाली, स्टाफ से लेकर थाना प्रभारी तक टारगेट बेस पर करेंगे काम, जानिए शहर के पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर एसपी ने दिए क्या निर्देश और अब किस तरह रहेगी व्यवस्थाएं

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रतलाम,26अप्रैल(खबरबाबा.काम)। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही रतलाम पुलिस को एक्शन मोड में लाने वाले एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने आज शहर के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। एसपी के निर्देश के बाद रतलाम पुलिस कार्यप्रणाली में काफी बदलाव होगा। स्टाफ से लेकर थाना प्रभारी तक प्रतिदिन टारगेट बेस पर कार्य करेंगे।

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने सम्पत्ति संबंधी अपराधों की समीक्षा के लिये रतलाम शहर अनुभाग के अधिकारीयो की बैठक ली। मिटिंग मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार, नगर पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान, रक्षित निरीक्षक खिलावन कंवर, थाना प्रभारी स्टेशन रोड निरीक्षक किशोर कुमार पाटनवाला, थाना प्रभारी औ0क्षेत्र रतलाम निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा, थाना प्रभारी माणकचौक उनि अनुराग यादव एवं थाना प्रभारी डी0डी0 नगर रतलाम निरीक्षक दीपक मंडलोई उपस्थित थे। मिटिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा रतलाम शहर अनुभाग में विगत 03 वर्षो (2020,2021 एवं 2022) मे घटित सम्पत्ति संबंधी अपराध जिसमे लूट, डकैती, गृहभेदन एवं चोरी के प्रकरणो की समीक्षा की तथा समीक्षा के उपरांत अपराधो की रोकथाम हेतु सभी अधिकारियो को आवश्यक निर्देश दिए।

एसपी ने दिए यह निर्देश

-थाना प्रभारी थाना क्षैत्र में होने वाली संपत्ति संबंधी घटनाओ के स्थान (हॉट स्पॉट) चिन्हित करे तथा उन स्थानो पर निरन्तर पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करे साथ ही थाना प्रभारी स्वंय भी सुबह शाम चिन्हित स्थान (हॉट स्पॉट) पर भ्रमण करे। क्षैत्र की चाय,पान की गुमटीयों, वाहन स्टेण्ड, बस-रल्वे स्टेशन की दुकानो पर नजर रखे एवं रैकी करने वाले संदिग्ध व्यक्तियो से उनके आधार,मोबाईल नंबर एवं फोटो लेकर पूछताछ सुनिश्चित करे। इसके साथ ही हॉट स्पॉट पर स्थित दुकानो पर जाकर दुकानदारो को हिदायत दे की वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को अनावश्यक दुकान पर बैठने न दे। साथ ही उन्हे इस बात की भी हीदायत दी जाए कि बाहरी व्यक्तियों के बारे मे आवश्यक रूप से पुलिस को सूचित करे।

– थानो में विगत वर्ष 2021-2022 मे ट्रेस हुए संपत्ति संबंधी अपराधो की समीक्षा करे तथा उन प्रकरणों में गिरफ्तार आरोपियों द्वारा किस पेटर्न से अपराध किये गये है? वह किस थाना क्षेत्र अथवा दीगर थाना क्षैत्र के है ? क्या उन आरोपियों के पूर्व के कोई आपराधिक रिकार्ड है? उन सभी की जानकारी एवं उनके रिश्तेदारो-परिचितो की जानकारी एकत्र कर उनसे पूछताछ करे तथा उनका डोजियर फार्म भरवाएं।

– पूर्व के संपत्ति संबंधी अपराधी जो जेल मे निरूद्ध थे उनकी जेल रिहाई के माध्यम से जानकारी प्राप्त करे एवं उनकी चैकिंग की जाकर थानो पर एक्सएल सीट मे रिकार्ड संधारण करे तथा जो भी नये नाम जोडे जाते है उनकी चैकिंग पुलिस रेग्युलेशन के तहत MAMS के अनुसार प्रत्येक 3-4 दिन मे रोस्टर अनुसार की जाए तथा सभी आरोपीयो के डोजियर फार्म संधारित करे।

-थाना क्षेत्र के ऐसे व्यक्ति जो नशे के आदि होकर स्मेक, शराब एवं अन्य प्रकार का नशा करते है, उक्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन पर सतत निगाह रखी जाकर समय-समय पर पूछताछ करे की क्या ये व्यक्ति अपने नशे की पूर्ती हेतु संपत्ति संबंधी अपराध तो नहीं कर रहे है ? मादक प्रदार्थ का सेवन करने वाले व्यक्तियो के विरूद्ध धारा 8/27 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की जावे साथी ही उनपर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करे एवं इसके बारे में उनके परिजनो को भी आवश्यक रूप से बताए। उक्त कार्य हेतु थाने के बीट के आरक्षकों की जवाबदारी सुनिश्चित करे। नशे के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने से छोटे अपराधों पर नियत्रण तो होगा ही साथ ही पारिवारिक झगडे की रिपोर्ट मे भी कमी होगी।

-वाहन चोरी के अपराधो के संबंध में यह भी सुनिश्चित करे की आरोपी वाहन चोरी कर वाहनो को अवश्य ही बेचने,काटने हेतु कबाडी को देते होंगे अथवा देहात क्षैत्र में बेच देते होगे। इस संबंध में थाना क्षैत्र के कबाडी के पुराने रिकार्ड प्राप्त कर वाहन चोरी के अपराधो की पतारसी करे।

-रतलाम शहर से लगे रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना अनुभाग के थानो के थाना प्रभारी एवं बीट अधिकारी (अ) वर्ग के गावों के भ्रमण के दौरान सरपंच एवं अन्य व्यक्तियों से चोरी के वाहनो के संबंध में जानकारी ले तथा चेकिंग कर वाहनो का सत्यापन भी किया जावे।

-सभी थाना प्रभारी प्रातः 10.30 बजे तथा सायः काल 06.00 बजे आवश्यक रूप से थाने के स्टाफ की गणना ले और गणना के दौरान स्टाफ को पूरे दिन का टास्क दिया जाए। सूर्यास्त से पूर्व वाहन चोरी की घटनांए अधिक होती है ,उक्त घटनाओ को राकेने के संबंध में अधिनस्तो को गणना मे आवश्यक निर्देश दे ।

-प्रत्येक थानो के बीट अधिकारी अपनी बीट के चिन्हीत स्थान (हॉट स्पॉट) पर लगातार भ्रमण कर संपत्ति संबंधी अपराधो पर नियत्रण रखना सुनिश्चित करे।

– रात्रि गश्त के दौरान अधिकारी-कर्मचारी क्षैत्र के धार्मिक स्थल, बैंक, एटीएम, जेल रिहाई आरोपियों, वारंटो की सूची प्राप्त कर वारंटियो को चेक करे एवं किसी नकबजनी, वाहन चोरी मे संदेही होने पर उनकी लोकेशन प्राप्त करे। साथ ही गश्त के दौरान हॉट स्पॉट मे रात्रि 01.30 बजे से 05.00 बजे के मध्य दो पहिया वाहन चालको को रोका टोका जावे एवं मुह बांधकर अपनी पहचना छुपाने वाले व्यक्तियों को थाने पर लाकर उनसे पूछताछ करे।

– गश्त के दौरान वाहनो के हुटर का आवश्यक रूप से उपयोग करे। हूटर का कॉलोनी-नकबजनी संभावित क्षैत्र में लगातार उपयोग किया जाए। जब भी कन्ट्रोल रूप अथवा वरिष्ठ अधिकारियों को लोकेशन दी जाए उस समय भी हुटर का आवश्यक रूप से उपयोग करे।

– रात्रि गश्त में 11.50 पीएम पर समस्त गश्त अधिकारी (डीएसपी, सेक्टर प्रभारी व चारो थानो के अधिकारी) उपस्थित होकर बल को ब्रीफिंग करे तथा बल को एक साथ 12.00 बजे गश्त हेतु रवाना करे। प्रत्येक घण्टे में गश्त की लोकेशन कन्ट्रोल रूम को नोट करावे। गश्त के दौरान 02 से 05 बजे के मघ्य प्रत्येक थानो के गश्त अधिकारी को 15-15 संदिग्धो की चेकिंग-पूछताछ का टारगेट दिया जाए। गश्त के दौरान रिहायसी इलाको में मिलने वाले संदिग्धो से आवश्यक रूप पूछताछ कर उनके मोबाईल,आधार नंबर, फोटो प्राप्त करे तथा गश्त वापसी पर रोजनामचा मे पूछताछ किये गये संदिग्धो के नाम इन्द्राज करे। साथ ही थाने पर चेकिंग किये गये संदिग्धो की दिनांकवार एक्सएल शीट पर नाम, आधार नंबर, मोबाईल नंबर फोटो आदि जानकारी संधारित करे।

– थाना औघोगिक क्षेत्र अन्तर्गत निर्माणाधीन भवनो मे कार्यरत मजदूरो के संबंध में ठेकेदारो से चर्चा कर उन्हे हिदायत दे कि आपके अधिनस्त यदि कोई वारदात करते है तो उनके विरूद्ध भी कार्यवाही होगी।साथ ही उनके अधिनस्त मजदूरो के संबंध में आधार नंबर, मोबाईल नंबर एवं अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त करे तथा गश्त के दौरान उन्हे रेन्डमली चेक करना सुनिश्चित करे।

-थाना औघोगिक क्षैत्र मे लगभग 15 मेरिज गार्डन है, थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वह मैरिज गार्डन मालिको तथा गार्डन में केटरिंन संचालको की बैठक लेकर केटरिन में कार्य करने वाले मजदूरो के संबंध में पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के पश्चात ही केटरिंन कार्य हेतु रखा जावे तथा कार्य हेतु रखे गये मजदूरो की पूर्ण जानकारी संबंधित थाने पर देने हेतु हिदायत दी जाए‌। साथ ही सभी मैरिज गार्डन मालिको से चर्चा कर मैरिज गार्डन मे चारो ओर आवश्यक रूप से सीसीटीव्ही कैमरे लगवाए जाए।

-सभी थाना प्रभारी अपना वाहन निरन्तर क्षैत्र में भ्रमण करावे थाना प्रभारी के व्यस्त होने के दौरान टूआईसी भ्रमण करे तथा क्षैत्र मे पडने वाले कोचिंग संस्थानो पर दोपहर के समय गाडी खडी कर अपनी उपस्थिती सुनिश्चित करे ताकी वहा असामाजिक तत्वो का जमावड़ा नही रहे तथा पुलिस की उपस्थित होने का भय बना रहे।

– रात्रि 12 से प्रातः 05 बजे के मध्य रेल्वे स्टेशन से आने जाने वाली समस्त ट्रेनो एवं बस स्टेण्ड पर आने जाने वाली बसो की जानकारी भी प्राप्त की जाए।

– थाना क्षैत्र मे छेडछाड की रोकथाम हेतु स्कुल,कॉलेज,कोचिंग क्लासेस के छुटते समय आवश्यक रूप से थाने के वाहन से लगातार पेट्रोलिंग की जाए।

-थाना प्रभारी थाना क्षैत्र के हॉट स्पॉट से कनेक्टिंग रोड पर पर सीसीटीव्ही कैमरे लगवाये तथा प्रतिदिन 15 संदिग्ध व्यक्तियों को थाना प्रभारी चेकिंग करने का टारगेट रखे, थाने के आउटर क्षैत्र में रेगुलर चेकिंग करे तथा मुखबिर सूचना तंत्र मजबुत करे जिससे वहां की प्रत्येक घटना व व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त होती रहे। चंकिग की जानकारी वापसी मे रोजनामचे मे आवश्यक रूप से अंकित करे।

– थाना प्रभारी अपने थाना क्षैत्र की गठित रक्षा समिति के सदस्यो को गश्त में आरक्षकों के साथ लगाये तथा गश्त में एसएएफ बल का भी उपयोग करे साथ ही गश्त में अतिरिक्त मोबाईल वाहन का भी उपयोग करे।

-रतलाम शहर के प्रमुख आने जाने वाले मार्गो पर एन.व्ही.डी. कैमरे लगाये जाने सुनिश्चित करे।

-थाना प्रभारी गश्त मे अधिक से अधिक बल लगाए। रक्षित निरीक्षक प्रतिदिन 15 का बल नगर पुलिस अधीक्षक को गश्त हेतु उपलब्ध कराये जिन्हे नगर पुलिस अधीक्षक चिन्हित सम्पत्ति संबंधी स्थानो पर लगाना सुनिश्चित करेगें।

-नाबालिको द्वारा शराब का सेवन कर वाहन चलाये जाने पर उनके माता पिता को आवश्यक रूप से बुलाया जाकर इस बात से अवगत कराये की यदि बालक द्वारा शराब का सेवन कर वाहन दूर्घटना कारित करता है तो उनके विरूद्ध भी विभिन्न धाराओ मे अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

– थानो पर अनसुलझे प्रकरणों के निराकरण हेतु अनुभाग स्तर पर टीम का गठन किया जाकर शीघ्र ही प्रकरणो का निराकरण किया जाए।

-थाना क्षैत्र की कॉलोनीयां जहॉ चोरी होने की संभावना रहती है वहा के पदाधिकारियों की मिटिंग आयोजित कर कॉलोनियो में सीसीटीव्ही कैमरे लगवाने, चौकीदार रखने तथा कॉलोनी मे निवासरत परिवारजनो के बाहर जाने की सूचना थाने पर आवश्यक रूप से दिये जाने हेतु निर्देशित करे।

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