रतलाम: मेडिकल कॉलेज के बाद बुधवार को कलेक्टोरेट परिसर में कांग्रेस नेताओं ने दिया धरना,23 को बड़े आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन ने भी रखा अपना पक्ष,जानिए क्या है मामला

indresh98kumar@gmail.com
5 Min Read
|

रतलाम,14जून(खबरबाबा.काम)। देर रात तक मेडिकल कॉलेज में धरना देने के बाद कांग्रेस विधायकों एवं नेताओं ने बुधवार को कलेक्टोरेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। मांगे नहीं मानने पर 23 जून को बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई।

ज्ञातव्य है कि मंगलवार को पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल दुष्कर्म पीड़ित 9 वर्षीय बालिका के परिजनों से मिलने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। जहां कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से फोन पर हुई बहस के बाद परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं किए जाने के मुद्दे को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए थे। मेडिकल कॉलेज में देर रात तक धरना चलता रहा।इसके बाद बुधवार दोपहर को कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना शुरु कर दिया।

धरने पर उपस्थित कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि प्रदेश में छोटे-छोटे अपराधियों के मकानों पर तत्काल बुल्डोजर चल रहे हैं, लेकिन एक छोटी सी बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को क्यों बख्शा जा रहा है? बकरे-बकरी बांधने का अतिक्रमण हटाकर प्रशासन कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहा है। अगर 22 जून तक पीड़िता को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने के साथ आरोपी के घर को नहीं तोड़ा गया, मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर फांसी दिलवाने की कोशिश नहीं की गई और कलेक्टर को नहीं हटाया गया तो बड़ा आंदोलन होगा।

इस दौरान पूर्व मंत्री श्री पटेल के साथ झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया, सैलाना विधायक हर्षविजय गेहलोत, आलोट विधायक मनोज चावला, जिलाअध्यक्ष कैलाश पटेल, शहर अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, युवक कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट, जिपं सदस्य डीपी धाकड़, पूर्व उपाध्यक्ष प्रकाश प्रभु राठौड़, दिनेश शर्मा, कार्यकारी शहर अध्यक्ष फैय्याज मंसूरी आदि मौजूद रहे। इस दौरान पटेल ने जहां मांगे पूरी नहीं होने पर 23 को बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी, वहीं भूरिया ने कहा कि प्रशासन का रवैया पूरे मामले में संवेदनशील नहीं है। विधायक गेहलोत और चावला समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने की बात दोहराई। साथ ही पुलिस और प्रशासन से मांग की कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रशासन ने रखा अपना पक्ष

नामली के ग्राम बड़ोदिया में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना के मामले में जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से प्रेस बयान जारी कर प्रशासन ने भी अपना पक्ष रखा है।

प्रशासन के अनुसार विगत दिनांक 11 जून को जिले की तहसील टप्पा नामली के ग्राम बड़ोदिया में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना प्रकाश में आई।

पीड़ित पक्ष के अस्पताल पहुंचने पर शासकीय चिकित्सक की संवेदनशीलता, पहल और तत्परता से पीड़ित पक्ष ने घटना के फौरन पश्चात अर्ध रात्रि में ही पुलिस थाना नामली भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 363, 376 AB,323,506 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3, धारा 4 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3 (2) (VA) में प्रकरण दर्ज किया।

पुलिस व प्रशासन ने तत्परता से अपराधी की तलाश करके उसी दिन अपराधी को गिरफ्तार कर किया । वर्तमान में अपराधी पुलिस गिरफ्त में है।

उक्त कार्यवाही के साथ साथ समानांतर कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन द्वारा बालिका के चिकित्सकीय उपचार की समुचित व्यवस्था और , पीड़ित परिवार की आवश्यकता के समुचित प्रबंध किए गए।

स्थानीय विधायक श्री दिलीप मकवाना जी एवं प्रशासनिक अधिकारी सतत पीड़ित परिवार के संपर्क में है और आवश्यक सहायता कर रहें हैं।

अपराधी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार को इस संकट की घड़ी में आर्थिक समस्या न हो इस हेतु रेडक्रॉस के माध्यम से एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है, साथ ही अन्य आवश्यक सहायता भी प्रदान की जा रही हैं।

पुलिस पीड़ित परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है।

स्थानीय प्रशासन ने अपराधी द्वारा किए गए अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्यवाही भी की है।

अपराधी को कठोर दंड मिले इसके लिए भी ठोस एक्शन लिया जा रहा है। माननीय न्यायालय से शीघ्रता से कठोर सजा दिलवाने की कार्यवाही की जा रही है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *