रतलाम: नूतन गणिवर्य श्री कल्याण रत्न विजय जी म. सा. का 80 से अधिक साधु साध्वी भगवंतों के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ

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रतलाम,4जून(खबरबाबा.काम)। परम पूज्य आचार्य देव श्रीमद् विजय तपोरत्न सुरीश्वर जी म . सा. के शिष्य रत्न युवा ह्रदय परिवर्तक, नूतन गणिवर्य श्री कल्याण रत्न विजय जी म. सा. का 80 से अधिक साधु साध्वी भगवंतों के साथ आज रतलाम नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।

उपरोक्त जानकारी देते हुए आराधना भवन जैन श्री संघ अध्यक्ष अशोक लुनिया एवं सचिव हिम्मत गेलड़ा ने बताया कि प्रात: से ही समाज जन में अभूतपूर्व उत्साह था। पूज्य मुनिराज ने शुभ मुहूर्त में रतलाम की सीमा में 12 नवकार मंत्र के जाप के साथ प्रवेश किया। वहां से पूज्य गुरुदेव बाजना बस स्टैंड पहुंचे जहां श्राविकाओं द्वारा सिर पर मंगल कलश के साथ समाजजन द्वारा अगवानी की गई। चंद्रवीर परिवार के सदस्यों द्वारा शंखनाद की मंगल ध्वनि करते हुए बाजना बस स्टैंड से सामैया प्रारंभ हुआ। जिसमें विशेष आकर्षण का केंद्र भीनमाल राजस्थान से विशेष रूप से बुलाए खड़क वाली ढोलकी बहुत ही सुंदर तरीके से घटनाद करते हुए चल रहा था।

सामैया में आगे आगे नवयुवक धर्म पताका लिए तथा युवाजन नृत्य करते चल रहे थे। रतलाम में इतने साधु संतों के एक साथ प्रवेश से अत्यन्त उल्लासपूर्ण वातावरण था एवं जिधर से भी सामैय निकला नागरिक गण उनका आशीर्वाद प्राप्त करते रहे। रास्ते भर गुरुदेव अमारो अंतर्नाद, अमने आपो आशीर्वाद के नारे लगते रहे। जुलूस के पूरे रास्ते जगह-जगह पर स्वागत द्वार बनाए गए थे। एवं भक्तों द्वारा अनेक स्थानों पर गहुंली की गई।

सामैया बाजना बस स्टैंड, लक्कड़पीठा, चांदनी चौक, बजाजखाना, न्यू क्लॉथ मार्केट, मानक चौक, घास बाजार, चोमुखी पुल होते हुए आराधना भवन पोरवाडों के वास पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गया।

इस अवसर पर पूज्य मुनिराज कल्याण रत्नविजय जी म.सा. ने फरमाया कि हमारी जिंदगी बहुत छोटी है और पैसा, पद, परिवार, पुण्यवानी क्षणिक हैऔर आप शाश्वत है। एक बार नकारात्मक विचार आ गए तो सुख देने की ताकत चली जाती है। व्यक्ति को अपने आप का विकास करना है एवं समाधि एवं पूरी प्रसन्नता से जीवन जीना है। प्रभु ने शासन की स्थापना सब को सुखी करने एवं सद्गति प्राप्त करने के लिए की है। सुख दुख देने वाला हमारा मन है । अतः आपको स्वयं अपना न्यायाधीश बनना होगा एवं मन को हमेशा सकारात्मक रखना चाहिए।

जुलूस को सफल बनाने में आराधना भवन सेवा समिति, चंद्रवीर परिवार एवं आराधना भवन महिला मंडल एवं शुभचिंतकों का सहयोग सराहनीय रहा।

पूज्य गुरुदेव के दिनांक 4 एवं 5. जून को नीम चौक स्थानक एवं 6-7 जून को प्रवचन पेलेस रोड़ पर प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होंगे।

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