रतलाम: सफाई कामगारों का आर्थिक शोषण नहीं हो, उनको काम के घंटों के आधार पर राशि मिले,सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया ने रतलाम में बैठक लेकर दिए निर्देश

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रतलाम 09 जून (खबरबाबा.काम)।सफाई कामगारों के हितों के प्रति संवेदनशीलता रखी जाए, उनका आर्थिक शोषण नहीं हो । उनको काम के घंटों के अनुसार पूरा वेतन मिले यह सुनिश्चित किया जाए।

उक्त निर्देश मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष रतलाम में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए । इस दौरान कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार पाठक, उपायुक्त नगर निगम श्री विकास सोलंकी, जिले के नगरीय निकायों के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

आयोग के अध्यक्ष श्री करोसिया ने रतलाम जिले में विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कामगारों के वेतन भुगतान, ग्रेच्युटी, सेवा अवधि के आधार पर स्थायीकरण, बीमा, ईएसआई आदि बिंदुओं पर जानकारी विस्तृत रूप से प्राप्त की। निर्देशित किया कि सभी सफाई कामगारों को बीमा लाभ एवं ईएसआई लाभ दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। यदि कहीं ठेकेदारी प्रथा पर कार्य करवाया जा रहा है तो उस ठेके को निरस्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि जून 2021 से ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर दी गई है। उक्त अवधि के पश्चात यदि जिले में कहीं ठेका हुआ है तो उसे निरस्त करें अन्यथा सीएमओ के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। यदि कहीं टेंडर गलत जारी हुआ है तो उसे निरस्त किया जाए।

अध्यक्ष श्री करोसिया ने नगर निगम में सफाई कामगारों के रिक्त पदों पर उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या, पद, उपलब्धता, स्थाई, अस्थाई कर्मचारियों की संख्या की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि 2007 को 10 वर्ष पूर्ण करने वाले विनियमित कर्मचारियों को स्थाई किया जाना है, उक्त कार्य एक माह में किया जाए। जहां पद रिक्त हैं उनकी पूर्ति की जाकर एक माह में रिपोर्ट आयोग को प्रेषित करें। शासन के नियमानुसार स्थायित्व का अधिकार प्राप्त कर चुके कर्मचारियों की सेवा स्थाई की जाए। उन्होंने पुलिस थाना परिसर में तैनात सफाई कर्मचारियों की जानकारी पुलिस अधीक्षक से प्राप्त की। उनको दिए जा रहे भुगतान के बारे में भी जानकारी हासिल की।

दैनिक वेतनभोगी विनियमित कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को आर्थिक सहायता की जानकारी प्राप्त की गई। बताया गया कि वे नियमित कर्मचारी की मृत्यु पर सवा लाख रूपए अनुदान सहायता एवं दैनिक वेतनभोगी की मृत्यु पर सवा दो लाख रूपए सहायता दी जा रही है। आयोग के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जहां पर अनुकंपा नियुक्ति लंबित है और पात्र वारिस उपलब्ध है तो 15 दिन में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। ग्रेच्युटी का लाभ दैनिक वेतन भोगी और भी नियमित कर्मचारी को भी दिया जाए। अनुकंपा नियुक्ति के मामले में संबंधित दारोगा आवेदन की पूर्ति करने में कर्मचारी की मदद करें।

आयोग के अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि छोटी-मोटी गलती पर कर्मचारी को सामान्य समझाइश दी जाए, निलंबन नहीं हो। यदि किसी को निलंबित करना है तो बगैर उसको नोटिस दिए, बगैर उसका पक्ष सुने निलंबित नहीं किया जाए। कर्मचारियों को समय पर जीपीएफ दिया जाए। जीपीएफ कटौती की डायरी भी कर्मचारी को उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में आयोग के अध्यक्ष श्री करोसिया ने निर्देशित किया कि जो भी सफाई कर्मचारी आवासविहीन है उनको आवास देने के लिए शहर के मध्य अच्छी कॉलोनी विकसित की जाए। इसके अलावा वर्तमान में रह रहे जिन स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है उनके विस्थापन की भी नियोजित ढंग से योजना तैयार करें। उनके लिए शहर में एक मल्टी बनाकर आवास उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

आयोग के अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों के पारिवारिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न आयोजनों हेतु महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक भवन लगभग 25 हजार स्क्वायर फीट एरिया में बनवाकर उपलब्ध करवाया जाए। सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शासन की योजनाओं के तहत हरसंभव मदद दी जाए। इनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए शासकीय योजनाओं से विशेष रूप से प्रशिक्षण एवं विशेष ऋण मेले आयोजित करवा का लाभ दिया जाए।

इस अवसर पर उपस्थित कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा जिले के सभी नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आयोग के अध्यक्ष के निर्देशानुसार अपने-अपने निकाय में सफाई कर्मचारियों के हित लाभ हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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