रतलाम: कलेक्टर ने फिर दिखाई संवेदनशीलता,अपनी परेशानी लेकर जनसुनवाई में आई आदिवासी महिला की तत्काल सुनवाई,शासकीय वाहन से घर पहुंचाया

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रतलाम 11 जुलाई(खबरबाबा.काम)। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने आज एक बार फिर संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जनसुनवाई में एक आदिवासी महिला की परेशानी पर तत्काल कार्रवाई की। महिला को शासकीय वाहन से घर भी पहुंचाया।

जिले के आदिवासी बाहुल्य सैलाना विकासखंड के ग्राम चेनपुरा की 50 वर्षीय दिव्यांग आदिवासी महिला भूलीबाई झोड़िया जनसुनवाई में अपने हिस्से की 3 बीघा भूमि पर रिश्ते के देवर द्वारा कब्जे की शिकायत लेकर कलेक्टर से मिली। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने अत्यंत गंभीरता के साथ संवेदनशीलता से महिला की शिकायत सुनी, तत्काल सैलाना एसडीएम मनीष जैन को निर्देशित किया कि महिला की भूमि पर उसको कब्जा दिलवाया जाए।

कलेक्टर ने दिव्यांग महिला से पूछा कि वह यहां तक कैसे आई है, महिला ने बताया कि बस में सवार होकर आई है तब कलेक्टर ने जनसुनवाई में उपस्थित नायब तहसीलदार को निर्देश दिए कि वह अपने शासकीय वाहन में महिला भूलीबाई को सैलाना एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाएं। सैलाना एसडीएम को निर्देश दिए कि वह सैलाना से अपने शासकीय वाहन से भूलीबाई को उसके घर तक पहुंचाएं और उसको कब्जा दिलाने की कार्रवाई तत्काल करें। यही नहीं कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने रतलाम से शासकीय वाहन में भूलीबाई के साथ महिला अधिकारी उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा को भी साथ भेजा।

कलेक्टर की कार्रवाई से प्रसन्न भूलीबाई मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के सुशासन को ह्रदय से धन्यवाद देती हुई शासकीय वाहन में अपने घर की ओर रवाना हुई।

जनसुनवाई में कलेक्टर श्री सूर्यवंशी के समक्ष से 82 वर्षीय बुजुर्ग रमेशचंद कोटिया अपनी पीड़ा लेकर आए कि वह अकेले हैं उनका पुत्र उनके साथ नहीं रहता है, पत्नी की मृत्यु हो गई है। उनके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। कलेक्टर ने उपसंचालक सामाजिक न्याय को निर्देशित किया कि बुजुर्ग की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तत्काल स्वीकृति करवाई जाए। खाद्य आपूर्ति विभाग को बुजुर्ग को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बुजुर्ग का बीपीएल कार्ड भी बनेगा, इसके अलावा बुजुर्ग को कलेक्टर द्वारा 2 हजार रूपए की आर्थिक सहायता भी तत्काल प्रदान की गई।

इसी प्रकार ग्राम रामपुरा तहसील पिपलोदा निवासी हीरादास बैरागी ने आवेदन दिया कि उसका प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आने के बाद भी ग्राम पंचायत द्वारा राशि स्वीकृत नहीं की गई है, मजबूरी में पंचायत के जर्जर कमरे में रहना पढ़ रहा है। बारिश के कारण से प्रार्थी को अस्थाई रूप से आवास की व्यवस्था की जाए तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास दिया जाए। आवेदन पर जनपद पंचायत पिपलोदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।

जनसुनवाई में आवेदक भीमसिंह राजपूत निवासी ग्राम बड़ौदा ने शिकायत ने बताया कि ग्राम पंचायत शेरपुर अंतर्गत स्थित ग्राम बड़ौदा में वाटरशेड तालाब निर्माण में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार करते हुए पूर्व से निर्मित तालाबों को ही पुनः योजना में नवीन तालाब बनाकर भ्रष्टाचार किया गया है। आवेदन पर कार्यवाही के लिए जनपद पंचायत पिपलोदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया गया। इसी प्रकार ग्राम बिलपांक निवासी मांगीलाल ने आवेदन दिया कि उसके परिवार की अत्यंत गरीब स्थिति को देखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, कार्यवाही के लिए एसडीएम ग्रामीण को निर्देशित किया गया।

इसी तरह ग्राम धरोला तहसील आलोट निवासी आवेदक प्रकाश शर्मा ने आवेदन दिया कि उसके पुत्र-पुत्री की एसएलसी प्राप्त की जाना है परंतु स्कूल प्रशासन द्वारा जबरन 25 हजार रूपए की मांग की जा रही है जबकि विवेकानंद विद्यालय की फीस आवेदक भर चुका है। स्कूल प्रशासन का यह कहना है कि कोरोना के समय तुमने फीस जमा नहीं की थी तथा इनके द्वारा 15 हजार बाकी बताए गए जिस पर मेरे द्वारा 13 हजार रूपए जमा कर दिए गए हैं और 2 हजार रूपए बाकी है जब मैं 2 हजार रूपए लेकर एसएलसी लेने के लिए गया तो वहां पर मुझसे 25 हजार रूपए की मांग की गई और एसएलसी देने से इंकार कर दिया है। इससे मेरे बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश नहीं हो पा रहा है, उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। आवेदन पर एसडीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।

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