Nipah Virus: केरल में इस संक्रामक रोग को लेकर अलर्ट, दो की मौत, संक्रमण के कारण ब्रेन इंफेक्शन का जोखिम

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13 सितम्बर2023। केरल के कोझिकोड जिले में दो लोगों की मौत के बाद से केरल स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार दोनों की मौत के लिए निपाह वायरस के संक्रमण को कारण माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों रोगियों को इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हुई है।

स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार रात जारी एक बयान में बताया कि स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने यहां निपाह के जोखिम को देखते हुए उच्च स्तरीय बैठक करके स्थिति की समीक्षा की है। गौरतलब है कि केरल में पहले भी निपाह के मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों और निपाह वायरस संक्रमण जैसे समान लक्षण वाले रोगियों के सैंपल पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को इस गंभीर संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी है, साथ ही अन्य राज्यों को भी निपाह के खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है।

निपाह वायरस के बारे में जानिए

निपाह वायरस जानवरों और इंसानों के बीच फैलता है, यह मुख्यरूप से चमगादड़ों के माध्यम से फैलता है हालांकि कुछ मामलों में सुअर, बकरी, घोड़े जैसे अन्य जानवरों के माध्यम से भी इसका संक्रमण हो सकता है। संक्रमित जानवरों के संपर्क में रहने वालों में इस संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता है। संक्रमित जानवर के शारीरिक तरल पदार्थ (रक्त, मल, पेशाब या लार) के माध्य से इसका संक्रमण इंसानों को हो सकता है।

संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने के कारण भी आप वायरस की चपेट में आ सकते हैं। सभी लोगों को इस संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी जाती है।

निपाह संक्रमण में क्या होते हैं लक्षण?

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि वायरस के संपर्क में आने के 14 दिनों के भीतर इसके लक्षण दिखने लग जाते हैं। शुरुआत के दिनों में बुखार और सिरदर्द के साथ फ्लू जैसे सामान्य लक्षण दिखते हैं, समय के साथ इसके लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा बढ़ता जाता है। बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई के साथ इसके लक्षण गंभीर होते जा सकते हैं जिसमें ब्रेन इंफेक्शन (एन्सेफलाइटिस) हो सकता है।

कुछ लोगों में संक्रमण के कारण भ्रम और भटकाव जैसी समस्याओं के साथ दौरे पड़ने, बेहोशी और श्वसन संबंधी समस्या होने का भी खतरा हो सकता है।

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