रतलाम: मंत्री बनने जा रहे हैं शहर विधायक चेतन्य काश्यप, जानिए किस तरह रहा है उनका अभी तक का राजनीतिक और सामाजिक सफर

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रतलाम,25दिसम्बर(खबरबाबा.काम)। प्रदेश सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार आज कुछ देर बाद होने जा रहा है। रतलामवासियो के लिए खुशी की बात यह है कि शहर विधायक चेतन्य काश्यप को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।

प्रदेश के सबसे अमीर विधायक और सामाजिक एवं विकास कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाने वाले चेतन्य काश्यप के मंत्री बनने से आमजन और समर्थकों में हर्ष का माहौल है। आईए जानते हैं श्री काश्यप के सामाजिक और राजनीतिक जीवन का अभी तक का सफर किस प्रकार रहा।

1. रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी है। वह औद्योगिक और सामाजिक जीवन में रहे। वर्ष 2004 से राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया।

2. रतलाम विधानसभा में बीते तीन चुनाव में सर्वाधिक मत से जीते। पहले चुनाव में 40 हजार मतों से, दूसरे चुनाव में 43 हजार मतों से और तीसरे चुनाव में 60 हजार मतों से जीते।

3. आपने वेतन भत्ते एवं पेंशन का त्याग कर राशी शासनहित में समर्पित की। आपका जन सेवा, सर्वधर्म, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

4. वर्ष 2014 में झाबुआ आदिवासी संसदीय उम्मदीवार के चुनाव संयोजक रहे और आजादी के बाद पहली बार यह सीट जीती।

5. भाजपा के स्वयं सेवी संगठन, प्रकोष्ठ, एनजीओ सेल के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यसमीति के 6 वर्ष तक सदस्य रहे और म.प्र. में भाजपा के कोषाध्यक्ष रहे।

6. वर्ष 2006 में म.प्र. लोकसभा व विधानसभा परिसिमन के संयोजक रहे। म.प्र. राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे।

7. अयोध्या में निर्माणाधीन श्री राम मंदिर के लिए 1 करोड़ रूपए की निधि अपने परिवार से प्रदान की।

8. क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष है एवं रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में 16 स्थान पर खेल चेतना मेला का आयोजन 20 वर्षों से कर रहे है।

9. गरीबी से मुक्ति, विकास की युक्ति के रूप में 100 गरीब परिवार को निःशुल्क आवास देकर अहिंसा ग्राम की स्थापना की।

10. कुपोषण अभियान के तहत पोष्टिक आहार देकर 1400 बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया।

11. मेडिकल कॉलेज की स्थापना करवाई, जिससे कोराना काल में झाबुआ, मंदसौर, नीमच एवं अन्य क्षेत्रों के हज़ारों लोगों के लिए बहुत उपयोगी रहा।

12. मालवा क्षेत्र में जैन समाज के प्रमुख व्यक्तित्व है। वर्ल्ड जैन कन्फेडरेशन के चेयरमेन है और जीतो के संस्थापक है। 2004 में बार्सिलोना में विश्व धर्म संसद मे जैन प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व किया। उसमें ‘अपरिग्रह’ दर्शन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।

13. इंडिया फस्ट फाउंडेशन के ट्रस्टी है। जिसका दिल्ली में शोध संस्थान है।

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