
रतलाम ,29दिसम्बर(खबरबाबा.काम)। जिले के ताल थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म का मामला पुलिस जांच में झुठा निकला। सीसीटीवी कैमरे के कारण पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस अब फरियादी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट की कार्रवाई करेगी।
पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर को फरियादी महिला द्वारा बताया कि वह दोपहर 1:00 बजे के करीब भांजे के साथ बाइक पर ताल आ रही थी। इस दौरान रास्ते में बाइक पंचर हो जाने से भांजा पंचर निकलवाने चला गया,और फरियादी वही खड़ी उसका इंतजार कर रही थी। इस दौरान फरियादी के पास एक कार आकर रूकी जिसमे तीन व्यक्ति जुझार सिंह, राजेश सिंह डोडिया एवं कुलदीप सिंह बैठे थे। उन्होंने फरियादी को घर छोड़ने का बोलकर गाड़ी में बैठा लिया। फिर अनजान जगह पर ले जाकर फरियादी के साथ तीनो ने बलात्कार कर मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। मरपीट से फरियादी बेहोश हो गई थी फिर अगले दिन जब होश में आई तो तीनों व्यक्ति उसे कार में बैठाकर आबूपुरा के पास मगरे पर छोड़कर भाग गए।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना ताल पर धारा 323,342,366, 376(डी), 506,34 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस कार्यवाही का विवरण
पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढा द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के मार्गदर्शन में एसडीओपी आलोट एवं थाना प्रभारी ताल को मामले की निष्पक्ष, तथ्यात्मक जांच एवं वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी राजेश पिता गोकुल सिंह डोडिया, जुझार सिंह पिता मंगूसिंह पंवार, निवासी टूटीयाखेड़ी जिला उज्जैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किए जो न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए थे तथा आरोपी कुलदीप सिंह की तलाश की जा रही थी। घटना की सत्यता के बारे जानकारी प्राप्त करने हेतु अग्रिम विवेचना के दौरान घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जिसमे फरियादी द्वारा बताए गए घटनाक्रम के संबंधित कोई तथ्य नहीं मिले। फरियादी द्वारा बताई कार के संबंध में जानकारी प्राप्त करने हेतु जावरा शहर के सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर उक्त वाहन घटना के समय घटनास्थल से 50 किमी दूर जावरा शहर के सीसीटीवी में दिखाई दी। तीनो आरोपीयो की घटना के समय की उपस्थिति के संबंध में तथ्यात्मक जांच की गई। इस दौरान कुलदीप सिंह के घटना के दिन घर से निकलने तथा शराब की दुकान ग्राम रूपेटा पर जाने, उसके दोस्त के साथ रूपेटा से जावरा जाने के फुटेज सीसीटीवी कैमरे में देखे गए। इसी के साथ कुलदीप सिंह के मोबाइल की लोकेशन आदि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी आरोपी घटनास्थल पर नही होने की पुष्टि हुई।
उक्त प्रकरण के संबंध में विवेचना के दौरान आरोपीयो की मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज, साक्षियों के कथन आदि के आधार पर प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण करने पर फरियादी द्वारा पंजीबद्ध रिपोर्ट असत्य पाई गई। जिसकी विस्तृत खारजी रिपोर्ट माननीय न्यायालय के समक्ष पेश की गई। न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण में पुलिस किया प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर प्रकरण को खारिज कर पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को उनमोचीत करने की कार्यवाही की जाएगी। झूठी रिपोर्ट करने पर फरियादी महिला के विरुद्ध भी 182/211 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।



