
रतलाम,25जनवरी(खबरबाबा.काम)।रतलाम रेल मंडल की सीएंडडब्ल्यू शाखा जूनियर इंजीनियर दीक्षांत पंड्या की हत्या का मंदसौर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में रतलाम जिले के ढोढर चौकी के परवलिया निवासी एक युवक और युवती को गिरफ्तार किया है। बांछड़ा डेरे की युवती से संबंध के चलते दीक्षांत पर चार गोलियां दागी थीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
दीक्षांत पंड्या हत्याकांड का सिलसिलेवार खुलास बुधवार को मंदसौर पुलिस ने किया। पुलिस के अनुसार 21 जनवरी 2024 को खोड़ाना गांव के चौकादीर ने भावगढ़ थाने पर सूचना दी कि खोड़ाना गुराड़िया गांव के कच्चे रास्ते पर लाल ब्रेजा कार नंबर MP43CB 01-43 खड़ी है। उसमें एक व्यक्ति औंधे मुँह पड़ा हुआ है। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पहुंची। कार में पड़े व्यक्ति को देखा तो उसके शरीर पर गोलियों के निशान थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुराग सुजानिया के निर्देशन व एएसपी गौतम सोलंकी के मार्गदर्शन में एसडीओपी (मंदसौर ग्रामीण) कीर्ति बघेल को घटना स्थल रवाना किया गया। मामला प्रथमदृष्टया हत्या का होने से एफएसएल टीम को बुलाया गया। मृतक की पहचान दीक्षांत पिता नवीन पंड्या (39) निवासी रेलवे कॉलोनी रतलाम होना पाया गया था। पुलिस ने मृतक के परिजन को सूचित किया। साथ ही अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भादंवि की धारा 302 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
युवती से रतलाम में रहने की जिद करता था दीक्षांत
विवेचना के दौरान मुखबिर से पता चला कि दीक्षांत पंड्या का ढोढर डेरे की एक युवती के यहां आना-जाना है। यह भी पता चला कि उक्त युवती को पूरे मामले की जानकारी है। पुलिस टीम ने इस आधार पर युवती से प्रारंभिक पूछताछ की तो उसने पूरा मामला बता दिया। युवती ने बताया कि मोहसिन पिता नज़ीम लाला निवासी परवलिया थाना रिंगनोद को वह करीब 10 वर्षों से जानती है। मोहसिन उसके पास 10 वर्ष से आ रहा है। चार-पाच वर्ष से दोनों में अच्छे संबंध हो गए थे।
युवती ने बताया कि मोहसिन उसे बहुत प्यार करने लगा था और उसका सारा खर्च भी उठाता था। बाद में युवती की पहचान दीक्षांत पंड्या से हो गई। बीते 6 महीने से दिक्षांत लगातार उस पर रतलाम में रहने के लिए दबाव बना रहा था। वह इसके लिए जिद करता था, उसने कई बार गाली-गलौच भी की। इससे वह परेशान हो गई थी हालांकि कभी इसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत नहीं कर सकी। इसी बीच युवती के यहां मोहसिन का आना जाना फिर बढ़ गया। ऐसे में एक महीने से युवती की परेशानी और बढ़ गई थी।
पुलिस के अनुसार युवती ने दीक्षांत द्वारा उसे रतलाम में रहने के लिए दबाव डालने की बात मोहसिन को बताई थी। तब मोहसिन ने युवती से कहा था कि तुम बोलो तो मैं उसे (दीक्षांत को) रास्ते से हटा देता हूं। मोहसिन ने बताया था कि मेरे पास एक पिस्टल भी रखी है।
पुलिस के अनुसार 20 जनवरी को युवती और दीक्षांत नीमच के जेतपुरा में शादी में गए थे। यहां दीक्षांत ने उससे फिर रतलाम चलने की जिद की और गाली-गलौच भी। दोनों दीक्षांत की कार से लौट रहे थे तभी युवती के मोबाइल फोन पर मोहसिन का कॉल आया तो उसने दीक्षांत की जिद और गाली-गलौच करने के बारे में बताया दिया। इसी चर्चा के दौरान दोनों ने दीक्षांत की हत्या की साजिश रच डाली। जैसे ही उनकी कार परवलिया पहुंची तो वहां मोटरसाइकिल पर पिस्टल के साथ इंतजार कर रहे मोहसिन खान ने दिक्षांत पर गोलियां दाग दी। दीक्षांत को 4 गोलियां लगीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मोहसिन और युवती ने दीक्षांत का शव और उसकी कार को खोड़ाना गुराड़िया गांव के कच्चे सुनसान रास्ते पर ले जाकर खड़ा कर दिया। दोनों वहां से मोटरसाइकिल से अपने घर आ गए।



