
रतलाम 27 फरवरी(खबरबाबा.काम)। आज जनसुनवाई में एक अनोखा मामला सामने आया, जिसमें आवेदक ने बताया कि उसने ना अपनी जमीन विक्रय की, ना कोई आवेदन दिया उसके बाद भी उसकी जमीन का आधा हिस्सा किसी और के नाम नामांतरण कर दिया गया।
जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। इस दौरान प्राप्त 51 आवेदनों के निराकरण हेतु अपर कलेक्टर आर.एस. मण्डलोई, डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा अनिल भाना द्वारा संबंधित विभागो के अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
जनसुनवाई के दौरान ईश्वर नगर रतलाम निवासी नन्दू पिता मन्ना ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थी की एक पुश्तैनी जमीन ग्राम सरवनीखुर्द में स्थित है जिस पर प्रार्थी के पिता मन्नालाल का नाम इन्द्राज था। जमीन का बटांकन होने के बाद प्रार्थी का नाम दर्ज किया गया। नन्दू ने बताया कि प्रार्थी या उसके परिवार के किसी सदस्य द्वारा भूमि का विक्रय नहीं किया गया है, फिर भी भूम का आधा हिस्सा अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है। इस सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि उक्त व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार से नामान्तरण संबंधी कोई कार्यवाही नहीं की गई है, कृपया उचित कार्यवाही की जाए। आवेदन निराकरण के लिए तहसीलकार शहर को प्रेषित किया गया है।

ईश्वर नगर रतलाम के नागरिकों द्वारा जनसुनवाई के दौरान संयुक्त रुप से दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ईश्वर नगर रेलवे फाटक के पास से पानी की टंकी तक ठेकेदार द्वारा आधा सीमेंट-कांक्रिट रोड बनाकर छोड दिया गया है और नाली में तीन-चार बडे-बडे पाइप डाल दिए गए हैं जिससे आने-जाने वाले नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। जल्द ही ठेकेदार से रोड का निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाने का आदेश प्रदान करें। आवेदन निराकरण के लिए नगर निगम को भेजा गया है।
ग्राम मजरा नाहरजीपाड़ा निवासी दिलीप बंजारा ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि प्रार्थी की स्थिति काफी दयनीय है और वह अपने परिवार के साथ कच्ची झोपडी में निवास करता है, जिससे मौसमी बीमारियों के साथ-साथ जहरीले जानवरों का भी सामना करना पड रहा है। प्रार्थी का नाम प्रधानमंत्री आवास सूची में शामिल होने के बाद भी प्रार्थी को आवास उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। कृपया आवास उपलब्ध कराया जाए। आवेदन निराकरण के लिए सीईओ को भेजा गया है।
कुम्हारों का वास रतलाम निवासी कनीज अंसारी ने अपने आवेदन में बताया कि प्रार्थिया के पति की मृत्यु 3 अक्टूबर 2022 को हो चुकी है। प्रार्थिया द्वारा विधवा पेंशन प्रदान किए जाने हेतु एक वर्ष पूर्व आवेदन किया था परन्तु आज दिनांक तक प्रार्थिया को विधवा पेंशन का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उचित कार्यवाही कर विधवा पेंशन का लाभ प्रदान किया जाए। आवेदन निराकरण के लिए श्रम विभाग को प्रेषित किया गया है।
ग्राम लाम्बीसादड तहसील बाजना निवासी केसरबाई ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि प्रार्थिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय लाम्बीसादर में दुर्गा स्वसहायता समूह अन्तर्गत रसोई बनाने का कार्य किया गया है। प्रार्थिया को विगत अक्टूबर 2023 से आज दिनांक तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी दयनीय है, भरण-पोषण करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है, वेतन भुगतान करवाया जाए। आवेदन निराकरण के लिए सीईओ जनपद बाजना को भेजा गया है।


