रतलाम: एसपी राहुल लोढा के प्रयास लाए रंग – दीनदयाल नगर थाना जिले का पहला आईएसओ सर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बना,अब एसपी ऑफिस की तैयारी

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रतलाम,11जुलाई(खबरबाबा.काम)। परफेक्ट पुलिसिंग और आदर्श पुलिस स्टेशन के प्रयासों को साकार करते हुए शहर का दीनदयाल नगर थाना जिले का पहला इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टैंडर्डाइजेशन (आईएसओ) सर्टिफिकेट पुलिस थाना बन गया है। शनिवार को एक समारोह आयोजित कर दीनदयाल नगर थाने को ISO सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

रतलाम एसपी राहुल लोढा का प्रयास है कि जिले के प्रत्येक थाने को आईएसओ सर्टिफाइड किया जाए।इसके लिए सबसे पहले उनके द्वारा दीनदयाल नगर थाने से शुरुआत की गई। करीब 6 माह पूर्व से एसपी राहुल लोढा के निर्देशन में थाने को आईएसओ सर्टिफाइड करने के लिए तैयारी शुरू की गई।

एसपी राहुल लोढा के निर्देशन में दीनदयाल नगर पुलिस स्टेशन में कई पैमानों पर शानदार काम किया गया है। यह थाना बेहतर रख रखाव प्रबंधन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के मामले में भी आगे है। हेल्पलाइन के मामलों में भी दीनदयाल नगर थाना पुलिस का प्रदर्शन काफी अच्छा है।

ये है थाने की खास बात

थाने की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां हर चीज व्यवस्थित है। मालखाने से लेकर दस्तावेज रखने की बेहतरीन व्यवस्था है। रिकॉर्ड को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है।थाने में स्टाफ के लिए बैठने के लिए बेहतर इंतजाम है। सायबर हेल्पडेस्क और ऊर्जा डेस्क भी है। थाने में फरियादी के साथ आए लोगों के लिए विजिटर रूम भी बनाया गया है, जहां बैठने और पीने के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था है। पेंडिंग मामलों के निराकरण और रिकवरी में भी थाने का प्रदर्शन अच्छा है।

बताया जाता है कि थाने को आदर्श और सुविधायुक्त बनाने की शुरुआत एसपी राहुल लोढा की पहल पर ही हुई थी‌।आईएसओ सर्टिफिकेट की दौड़ में शामिल होने के लिए जरूरी मानकों पर यह थाना खरा उतरा है।

पुलिस को क्यों मिलता है सर्टिफिकेट?

पुलिस का काम भी सर्विस की तरह ही है। इसमें जनता को सुरक्षा के रुप में सेवा दी जाती है। पुलिस भी जनता का काम करती है और लोगों के लिए फंक्शन करती है। वैसे पुलिस को ये सर्टिफिकेट पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए और नागरिकों की सेवा में सुधार के लिए यह सर्टिफिकेट दिया जाता है। प्रदेश में कई स्टेशन को आईएसओ सर्टिफिकेट मिल चुका है।

इन मानकों पर खरा उतरना होता है

1.व्यवहार व कुशलता
आईएसओ अंतर्राष्ट्रीय मानक व्यवहार कुशलता पर थाने के कर्मचारियों का परीक्षण करता है। थाने पहुंचने वाले शिकायतकर्ताओं से पुलिसकर्मी व अधिकारियों का बर्ताव, शिकायत की गंभीरता को समझने, निराकरण के लिए प्रयास, इसमें लगने वाले समय का आंकलन किया जाएगा ।

2.सेवा
इसमें देखा जाएगा कि पुलिसकर्मियों द्वारा कितने समय में एफआईआर की गई। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर द्वारा क्या प्रयास किए। रोजनामचे में शिकायत का उल्लेख, थाने में विजिटिंग हॉल की व्यवस्था, महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था, अलग-अलग लॉकअप, शिकायतों पर जांच की व्यवस्था और पेंडेंसी देखी जाएगी।

3.रिकॉर्ड अपडेट रखना
क्रमवार एफआईआर, अपराधियों की सूची, थाने की तख्तियां, रजिस्टर, संदिग्ध व्यक्तियों की सूची, मालखाने में जब्त माल की जानकारी समेत थाने के कर्मचारियों के आने-जाने का समय रोजनामचे में दर्ज होने की जानकारी कम्प्यूटर में दर्ज होनी चाहिए।

4.सूचना का आदान-प्रदान
शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई और एफआईआर से अवगत कराना चौथा मानक है। इसमें सीसीटीएनएस के माध्यम से ऑनलाइन एफआईआर, दर्ज एफआईआर को 24 घंटे के भीतर इंटरनेट पर ऑनलाइन करना आदि है।

एसपी आफिस और जिले के सभी थानों के लिए होंगे प्रयास

जिले में सबसे पहले शहर के दीनदयाल नगर थाने को आईएसओ सर्टिफिकेट के लिए तैयार किया गया है। थाने को आईएसओ सर्टिफिकेट शनिवार को दिया जाएगा।अब एसपी कार्यालय सहित जिले के अन्य थानों को भी आईएसओ के मानकों पर खरा उतारने की कोशिश करेंगे।

-राहुल लोढा,एसपी रतलाम

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