रतलाम,29अगस्त (खबरबाबा.काम)। पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा परिवार द्वारा किए जा रहे तुलसी पौधा वितरण का बुधवार को अंतिम दिन हैं। 30 अगस्त को पौधा वितरण कार्यक्रम का समापन होगा।
पावर हाउस रोड स्थित पूर्व महापौर एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शैलेंद्र डागा के निवास से उनकी धर्मपत्नी स्व. इंदिरा डागा की स्मृति मेंनि:शुल्क किए जा रहे वितरण में इस वर्ष अब तक 1800 से ज्यादा तुलसी के पौधों का वितरण किया जा चुका है।
श्री डागा ने बताया प्रतिवर्ष तुलसी के पौधों का वितरण उनके परिवार द्वारा किया जाता है। सावन माह में प्रतिदिन कई लोग पौधा लेनेआ रहे हैं। इसकी शुरुआत 37 साल पहले पिता स्व.श्रीबाबूलालजी डागा ने की थी। इसके बाद से ही वितरण का कार्य चल रहा है।श्रीमती इंदिरा डागा के निधन के बाद अब प्रतिवर्ष उनकी स्मृति में तुलसी पौधे वितरित किए जा रहे है। हर वर्ष वितरीत पौधों की संख्याबढ़ती जा रही है।
तुलसी के पौधे का महत्व
पूर्व महापौर श्री डागा ने बताया कि सनातन संस्कृति में तुलसी को पूज्यनीय माना गया है। यह हर प्रकार से पवित्र है। ऐसा माना जाताहै कि जिस घर में तुलसी लगाई जाती है उस घर में भगवान वास करते हैं।
तुलसी एक औषधीय पौधा है। जिसमें विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। तुलसी के पौधे सकारात्मक ऊर्जा देते हैं, इसकेसाथ ही रात को ऑक्सीजन का भी उत्सर्जन करते हैं।
सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है। तुलसी केधार्मिक–महत्व के कारण हर–घर आंगन में इसके पौधे लगाए जाते हैं। पर्यावरण की दृष्टि से तुलसी का पौधा काफी फायदेमंद है।तुलसी की कई प्रजातियां मिलती हैं। जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख हैं। इन्हें राम तुलसी और कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है।चरक संहिताऔर सुश्रुत–संहिता में भी तुलसी के गुणों के बारे में विस्तार से वर्णन है।



