
उज्जैन,17सितम्बर(खबरबाबा.काम)। उज्जैन के बड़नगर में भारी बारिश के बाद बाढ़ में फंसे सेमलिया गांव के ग्रामीणों को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा त्वरित कार्रवाई कर हेलीकॉप्टर की सहायता से सुरक्षित निकालवा लिया गया। रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बाढ़ में फंसे अन्य ग्रामीणों को निकालने का सिलसिला जारी है।

बता दे मूसलाधार बारिश के चलते इंदौर-उज्जैन के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बड़नगर तहलील के सेमलिया गांव में बाढ़ के पानी के कारण कुछ लोग बाढ़ में फंस गए थे। इनमें एक गर्भवती महिला भी थी। जानकारी मिलते ही स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनके रेस्क्यू के प्रयास शुरू किए।बताया जाता है कि एसडीआरएफ की टीम ने इन्हें बचाने के लिए कई प्रयास भी किए। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि नाव के माध्यम से इन्हें बचाना और वहां तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था, जिसके बाद कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने इन लोगों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया। नागपुर से सेना का हेलीकॉप्टर मंगा कर उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा गर्भवती महिला सहित बाढ में फंसे अन्य लोगों का रेस्क्यू कराया गया।
उज्जैन जिले में भारी बारिश का दौर विगत तीन दिनों से जारी है। भारी बारिश के कारण उज्जैन की शिप्रा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। उज्जैन के अंतर्गत आने वाली नागदा, तराना, खाचरोद, बड़नगर, महिदपुर के साथ-साथ उज्जैन शहर की कई निचली बस्तियों में पानी घुस आया है। जहां लोगों को इन निचली बस्तियों से निकालने का काम NDRF की टीम कर रही है। वहीं जिला प्रशासन और महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से जरूरतमंद लोगों को लगातार भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और उन्हें धर्मशालाओं में अस्थाई रूप से ठहराया जा रहा है। बड़नगर ,नागदा सहित कई जगहों के रास्ते शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बंद है।


