रतलाम: रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत पिट लाइन के टेंडर खुले, पूर्व महापौर एवं भाजपा नेता शैलेंद्र डागा ने रेल मंत्री को ज्ञापन देकर की थी मांग, रतलाम स्टेशन से शुरू हो सकेगी ट्रेनें

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|श्री डागा द्वारा रेल मंत्री को ज्ञापन सौपने के अवसर का फोटो
श्री डागा द्वारा रेल मंत्री को ज्ञापन सौपने के अवसर का फोटो

रतलाम,3फरवरी(खबरबाबा.काम)। यात्री सुविधा विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी मनी जाने वाली पिट लाइन रतलाम रेल मंडल में बहुत जल्द तैयार होने की उम्मीद है। पूर्व महापौर एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शैलेंद्र डागा की मांग पर रेल मंत्री द्वारा स्वीकृत पिट लाइन के लिए टेंडर खुल चुके हैं।सबकुछ समय पर हुआ तो एक साल में लाइन तैयार हो जाएगी। पिटलाइन तैयार होने के बाद मंडल में इंदौर व महू के बाद अब रतलाम स्टेशन से भी ट्रेनों की शुरूआत की जा सकेगी जिसका फायदा स्थानीय जनता और यात्रियों को मिलेगा।

रतलाम रेलमंडल पश्चिम रेलवे का बड़ा मंडल मुख्यालय है। मुंबई-दिल्ली का ट्रंक और प्रीमियम मार्ग रतलाम स्टेशन से होकर ही गुजरता है। इस ट्रैक को 160 किमी प्रतिघंटा की स्पीड के लिए भी तैयार किया जा रहा है। मंडल मुख्यालय होने के बाद भी रतलाम में पिटलाइन नहीं होने से ट्रेनों की शुरूआत नहीं हो पा रही थी। सितंबर 2023 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रतलाम दौरे में पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, शिवराज राजपुरोहित ने इस संबंध में ज्ञापन देकर पिट लाइन स्वीकृत करने की मांग की थी। इसके बाद रेल मंत्रालय से स्वीकृति पत्र मिलने पर मंडल प्रशासन ने दिसंबर 2023 में टेंडर जारी किए थे।

पिटलाइन का निर्माण होने के बाद पहले फेस में मेमू ट्रेन का संचालन किया जा सकेगा। डीजल शेड के पीछे के हिस्से में पिटलाइन बनेगी। अभी वहां दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के दोनों ओर बनाई जा रही बाउंड्रीवाल के सीमेंट ब्लाक बनाने का प्लांट लगा हुआ है। यह काम अभी करीब छह माह और चलेगा। इसके बाद जगह रिक्त होने पर पिटलाइन का निर्माण शुरू होगा। पूरी कवायद में एक साल का समय लगेगा। रतलाम मंडल में अभी मेमू के नए रैक की मांग लगातार की जा रही है। रैक मिलने पर इसे महू से भीलवाड़ा तक चलाया जा सकता है। ऐसे में रखरखाव के लिए पिटलाइन की जरूरत भी होगी।

पिटलाइन क्या है?

पिट लाइन में रेलवे पटिरयों के नीचे का हिस्सा नालीनुमा रखकर खाली रखा जाता है। इसमें रेल कोच के रखरखाव के लिए एक खास तरह की व्यवस्था की जाती है। इसमें दोनों ओर लाइट्स, पैदल चलने के लिए रैंप, इलेक्ट्रिक स्विचेस और रखरखाव संबंधी व्यवस्था होती है। रतलाम में बनने वाली पिटलाइन की लंबाई अभी 600 मीटर रखी जा रही है, जिसे आगे जरूरत पढ़ने पर बढ़ाया भी जा सकेगा। अभी 12 मेमू कोच का रखरखाव इस लाइन पर हो सकेगा।

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