
रतलाम,6अगस्त(खबरबाबा.काम)। मदरसा निरीक्षण के मामले में आज जहां राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष के ट्वीट चर्चा में है, वहीं ट्वीट के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। दोपहर में रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम दारुल उलूम आयशा सिद्दीकी मदरसा पहुंचे। जहां मौजूद बालिकाओं का स्कूल में एडमिशन जिला प्रशासन ने करवाया है।
कलेक्टर राजेश बाथम और शिक्षा विभाग के अधिकारीयों ने बच्चों को पुस्तक और शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की है। कलेक्टर राजेश बाथम ने मीडिया से चर्चा में कहा की इन बच्चियों को आधुनिक शिक्षा से वंचित होना बताया गया था। इसके बाद इन बच्चियों का एडमिशन शासकीय स्कूलों में करवाया गया है।शहर के अन्य मदरसों में प्रशासन के निरीक्षण के बाद कार्यवाही किए जाने की बात कलेक्टर ने कही है।
दरअसल रतलाम मदरसे में अनियमितता की शिकायत पर मध्य प्रदेश बाल आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा ने खाचरोद रोड स्थित मदरसे का दौरा किया था, जहां कई अनियमितताएं आयोग की सदस्य को मिली थी। दौरे के बाद आज राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने एक्स पर ट्वीट कर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे, वहीं रतलाम एडीएम शालिनी श्रीवास्तव द्वारा निरीक्षण के बाद अपने बयान में मदरसे को एक तरह से क्लीन चीट देने पर भी अध्यक्ष ने टिप्पणी करते हुए एडीएम को प्रवक्ता बताते हुए उन्हें प्रशिक्षण दिलाए जाने की अनुशंसा की बात ट्वीट के जरिए कही है। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और खाचरोद रोड स्थित मदरसे पहुंचकर पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं का शासकीय स्कूलों में प्रवेश करवाया है और उन्हें पाठ्यक्रम सामग्री भी वितरित की है।



