सैलाना पराजय की चिंगारी पूरे जिले में भड़क सकती है।

indresh98kumar@gmail.com
2 Min Read

रतलाम(खबरबाबा.कॉम)।सैलाना नगर परिषद में भाजपा की पराजय से जिले के राजनैतिक समीकरण बिगड़ने की शुरुआत समझा जा रहा है।पुरे जिले में अपना परचम लहराने वाली भाजपा के लिये सैलाना की हार आत्म मंथन करने वाली है । हाल की सैलाना नगर परिषद का चुनाव हाई कमान के लिये कोई प्रतिष्ठा का चुनाव नही था , लेकिन समझा जा रहा है कि पराज्य की यह छोटी चिंगारी विधान सभा चुनाव आते आते पूरे जिले में भड़क सकती है ।
सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष के लिये उम्मीदवार की घोषणा होते ही कहा जाने लगा था कि आपकी बार भाजपा के लिये यह राह कठिन है । भाजपा कांग्रेस दोनों ही महिला उम्मीदवार की चर्चा के बजाय दोनों के पतियों के व्यहवार की चर्चा चुनाव प्रचार में होती रही । आम जनता से व्यहवार के मामले में कांग्रेस प्रत्याशी नम्रता राठौर के पति जितेंद्र सिंह राठौर का व्यहवार , भाजपा प्रत्याशी क्रांति जोशी के पति डॉ दीपक जोशी के व्हवार से ज्यादा सरल और कुशल होने की चर्चा सैलाना के मतदाताओं में थी । यह तो एक कारण था ही लेकिन सैलाना क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्ताओ की उपेक्षा भाजपा में अंदुरनी गुटबाज़ी भी भाजपा की हार का प्रमुख कारण रही है । सैलाना चुनाव में प्रचार से दूर रहे स्थानीय जमीनी कार्यकर्ताओ की नाराजगी से यह तो स्पष्ट हो गया है कि जिले में कार्यकर्ताओं की उपेक्षाओं का ग्राफ काफी ऊंचा हो गया है।जो हालात दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित काल में कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओ की थी,ऐसे ही हालात भाजपा में दिखाई देंने लगे है।पार्टी पर विलासिता,अवसरवादिता और हवाबाज,नेतागिरी हावी हो गयी है।इसका खामियाजा कही 2018 के विधानसभा में पार्टी को भुगतना पड़े।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *