बाघ के मुवमेंट से हड़कंप, वन विभाग की टीम जंगल में कर रही सर्चिंग, मवेशियों पर हमले की सूचना, प्रशासन ने सीमावर्ती गांव में डोंडी पिटवाई

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रतलाम(खबरबाबा.काम)। जिले की सीमा से सटे गांवों में रविवार को बाघ (टाइगर) के होने की खबर से हड़कंप मच गया। 2 दिनों से उज्जैन, रतलाम और धार जिले की सीमा में बाघ के मुवमेंट के संकेत मिल रहे है। रविवार को धार से सटी रतलाम जिले की सीमा के गांव पींपलखूटा में बाघ द्वारा दो मवेशियों को मारने की सूचना के बाद हलचल मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों मवेशियों पर बाघ ने हमला कर दिया। वहीं वन विभाग की टीम भी पूरे दिन बाघ के फुटप्रिंट्स और उसकी मौजूदगी के अन्य सुरागों की पड़ताल करता रही।
बाघ की मौजूदगी की सूचना से जिले के गांव बिरमावल, सातरूडां और आसपास के दर्जनों मजरे टोलों में ग्रामीण दहशत में है। रतलाम से करीब 26 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत पीपलखूटा के सरपंच प्रतिनिधि योगेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के समीप स्थित मजरा आंधासुंधा है। इसके समीप ही धार जिले की सीमा है। यहां बाघ ने रविवार दोपहर करीब 1 बजे जंगल में चरने के लिए गई दो गायों पर हमला कर दिया। बाघ ने हमला उस समय किया जब गाय जंगल में तालाब में पानी पी रही थी। जब मृत गायों को ग्रामीणों ने देखा तो सनसनी फैल गई। इसके बाद उन्होंने पटवारी अमृत कुमार को भी सूचित किया। इसके बाद वन विभाग की टीम भी पहुंची और पड़ताल की। वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले करीब 4 दिनों से धार, उज्जैन, रतलाम जिले की सीमा पर बाघ के मौजूद होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके आधार पर तीनों जिलों में हाईअलर्ट घोषित किया गया है। रविवार को रतलाम जिले के गांवों में बाघ होने की खबर के बाद से वन विभाग का अमला उसे खोजने और पैरों के निशान तथा अन्य सुराग के आधार पर पुष्टि करने में लगा हुआ है। जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार देवास और धार जिले में बाघ के मुमेंट की सूचना है, लेकिन जिले में वन विभाग की टीम अभी सर्चिंग कर रही है। सूचना के बाद हमनें राजस्व टीम और पुलिस टीआई का नंबर सभी ग्रामीणों को अनाउंस करवाकर दिया है। साथ ही डोंडी पिटवाकर ग्रामीणों को समझाइश दी है कि एहतियात के तौर पर रात में बाहर अकेले न निकले। संभव हो तो मवेशियों के पास भी आग जलाकर रखें।
इनका कहना है
जिले की सीमा पर बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। रेसक्यू टीम मौके पर है। हमारी चर्चा अभी रेसक्यू टीम से नहीं हुई है, जिसके बाद ही पुष्टि हो सकेगी कि गांव में बाघ है या नहीं।
-प्रफुल्ल नीरज फुलझरे, वन मंडलाधिकारी
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