रतलाम में भी शासकीय सेवकों को डिजीटल लाकर अकाउंट ओपन करने के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित, आम नागरिकों को भी करना है प्रेरित।जरुरी दस्तावेज , प्रमाण पत्र आनलाइन रख सकेंगे सुरक्षित।जरुरत पढ़ने पर एक आईडी से सीधे ऑनलाइन निकाला जा सकेगा दस्तावेज।जानिए क्या है डिजीटल लाकर सुविधा और कैसे करना होगा ओपन-

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रतलाम, 4जुलाई(खबरबाबा.काम)। प्रदेश में डिजिटल लॉकर की उपयोगिता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गवर्नेंस इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत सभी शासकीय सेवकों को अपने डिजिटल लाकर अकाउंट ओपन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं ।साथ ही शासकीय सेवकों को आम नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा ।रतलाम जिला प्रशासन ने भी सभी शासकीय सेवकों को डिजिटल लॉकर खोलने के लिए कहा है।
जानकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए नागरिकों के जरूरी दस्तावेजों अभिलेखों के सुगम संधारण एवं प्राप्ति के लिए डिजिटल लॉकर की सुविधा शुरू की गई है। केंद्र शासन द्वारा प्रदाय की जारी सुविधा के प्रदेश में भी प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रयास किए जा रहे हैं ।मध्यप्रदेश में एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इसकी नोडल एजेंसी है।
रतलाम में शासकीय सेवकों को लेना होगा डिजीटल लाकर
निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन ने भी रतलाम में सभी शासकीय सेवकों को डिजिटल लाकर अकाउंट ओपन करने के के लिए कहा हैं ।शासकीय सेवकों को डिजिटल लॉकर अकाउंट ओपन करने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा ।
क्या है डिजीटल लाकर
1. डिजिटल लॉकर सुविधा के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को शासकीय क्लाउड पर आवश्यक स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है ,जिसमें वह न केवल अपने महत्वपूर्ण अभिलेख बल्कि शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस ,पासपोर्ट, आधार कार्ड आदि की स्कैन या डिजिटल पति सुरक्षित रख सकते हैं ।डिजिटल लॉकर अकाउंट प्रमाण पत्रों के प्रमाणीकरण और सत्यापन की व्यवस्था प्रदान करता है।
2. नागरिक अपने आधार नंबर एवं आधार के साथ लिंक किए गए मोबाइल नंबर की सहायता से अपना डिजिटल लाकर प्रारंभ कर सकते हैं ।इस सुविधा का लाभ लेने के लिए नागरिकों को digilocker. Gov. In पर अपने आधार नंबर की सहायता से स्वंय पंजीयन कराना होगा।
3. विभिन्न विभाग एजेंसी डिजिटल लाकर प्लेटफार्म पर प्रमाण पत्र प्रदाता के रूप में पंजीयन करके समय-समय पर जारी किए जाने वाले ई- प्रमाण पत्र ,ई-अभिलेख नागरिकों के डिजिटल लॉकर में स्वतः उपलब्ध करा सकेंगे ।डिजिटल लॉकर में उपलब्ध प्रत्येक ई-अभिलेख, ई-प्रमाण पत्र की एक आईडी होगी।
4. विभिन्न विभाग ,एजेंसी डिजिटल लॉकर प्लेटफार्म पर प्रमाणपत्र अनुरोधकर्ता के रुप में पंजीकृत होकर नागरिकों के डिजिटल लॉकर से प्रमाण पत्रों को सुरक्षित रूप से एक्सेस कर सकते हैं ।इस प्रकार नागरिकों द्वारा चाहे जाने पर उनके डिजिटल लाकर में उपलब्ध किसी विशेष ई अभिलेख या प्रमाण पत्र की प्रति किसी शासकीय ,अशासकीय एंजेसी द्वारा विशेष प्रयोजन हेतु प्राप्त की जा सकेगी।
5. विभागों को प्रमाण पत्र प्रदाता अथवा प्रमाण पत्र अनुरोधकर्ता के रूप में पंजीयन करने की प्रक्रिया कार्य विभाग की आईटी सेल द्वारा या negd द्वारा empaneled एजेंसी के द्वारा कराया जा सकता है।
6. मध्यप्रदेश में MP ई डिस्ट्रिक्ट डिजिटल लॉकर से इंटीग्रेट हो चुका है तथा लगभग 2.34 करोड़ डाक्यूमेंट्स डिजिटल लॉकर में जारी किए जा चुके हैं। भारत सरकार द्वारा मध्य में इस वर्ष 30 लाख डिजिटल लॉकर अकाउंट खोलने का लक्ष्य दिया गया है ।वर्तमान में 90 हजार अकाउंट प्रारंभ किए जा चुके हैं।
इनका कहना है
डिजीटल लाकर एंकाउट ओपन करने के लिए शासकीय सेवको को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आम जनता को भी प्रेरित किया जा रहा है।
बी. चंद्रशेखर, एमडी इलेक्ट्रानिक डेवलपमेंट कारपोरेशन

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