रतलाम 1दिसम्बर 2019/ जिले में शांति, कानून और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में प्रभावशील धारा 144 के क्रियान्वयन तथा सौशल मीडिया व अन्य धार्मिक टिका-टिप्पणी पर लगे प्रतिबंध पर शांति समिति की बैठक में चर्चा की गई। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने कहा कि आने वाले त्यौहारों पर भी निर्धारित प्रतिबंध जारी रहेगा।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित समिति की बैठक में एसपी गौरव तिवारी ने कहा कि 6 दिसंबर को धार्मिक स्थलों पर आतिशबाजी की अनुमति नहीं है और ना ही भीड़ जमा करने की अनुमति है,यदि निर्देशों का उल्लंघन किया गया तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। धारा 144 के अंतर्गत यह सभी प्रावधान लागू है जो जिला दंडाधिकारी के आदेश पर प्रभावशील किए गए है।
बैठक में कलेक्टर ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक तथा अन्य कार्यक्रम के संबंध में आयोजनकर्ता अनुमति हेतु तीन दिन पूर्व आवेदनकर्ता एसडीओ शहर को आवेदन प्रस्तुत करे। आवेदन पत्र पर संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी एवं सीएसपी की अनुशंसा के आधार पर अनुविभागीय दंडाधिकारी संबंधित को अनुमति आदेश जारी किए जाएंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निजी कार्यक्रम व विवाह समारोह, बेंड आदि के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन ध्वनि विस्तार यंत्र (डीजे) पर लगी रोक जारी है।
बैठक में 25 दिसंबर क्रिसमस के त्यौहार पर गिरजाघरों में साफ-सफाई की व्यवस्था के निर्देश भी निगमायुक्त को दिए गए। बैठक में उपस्थित क्रिश्चियन समाज के प्रतिनिधि को कहा गया कि वे अनुमति लेकर ही कार्यक्रम आयोजित करे। इसके अलावा भी कोई आयोजन किसी समुदाय द्वारा आयोजित होते है उसकी अनुमति भी एसडीएम से ली जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि 6 दिसंबर को संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किए जाएंगे, ताकि शांति व्यवस्था की स्थिति बनी रहे। पुलिस बल भी पर्याप्त मात्रा में शहर के प्रमुख स्थान पर भीड़ की निगरानी के लिए लगाई जाएगी। सीसी टीवी कैमरे तथा वाच टावर भी संवेदनशील क्षेत्रों में लगाने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए गए है।
बैठक में पुलिस अधिकारियों के अलावा एडीएम श्रीमती जमुना भिड़े, एएसपी श्री सुनील पाटीदार, शहर काजी श्रीअहमद अली, निगमायुक्त श्री एस.के.सिंह, पत्रकार श्री शरद जोशी, श्री महेन्द्र गादिया, श्री वीरेन्द्र वाफगांवकर, श्री आसिफ काजी, श्री इमरान खोकर, श्री हर्ष दशोत्तर, श्री मनोज झालानी, श्री हरजीतसिंह सलुजा, क्रिश्चियन समाज के प्रतिनिधि व अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।