रतलाम,28जनवरी(खबरबाबा.काम)/तालाब खेत से 5 किलोमीटर दूर है। खेती करने के लिए पानी तालाब से पाइप लाइन के माध्यम से आता है, लेकिन मोटर चालू ओर बन्द करने के लिए 5 किलो मीटर आना -जाना नही पड़ता है। बल्कि पांच किलो मीटर दूर घर बैठे ही मोटर चालू और बन्द कर देते है। ऐसा हुआ है मोबाइल से।

डिजिटल किसान के नाम से पहचाने जाने वाले ग्राम दाँतोड़िया के किसान सोहनलाल पाटीदार ने अपने मोबाइल में ऐसा सिस्टम करवा रखा है कि वो मोटर बंद-चालू अपने मोबाइल से ही कर देते है। डिजिटल क्रांति के इस युग मे मोबाइल का खेती में उपयोग करने की यह सीख इन्हें मोबाइल में गूगल ओर यूट्यूब से सर्च करने के दौरान मिली और फिर करने लगे डिजिटल खेती। किसान सोहनलाल पाटीदार ने अपने खेत और तालाब पर डिजिटल मीटर लगा रखा है । इसकी लागत भी बहुत कम आई है। इसका फायदा यह मिला कि वो अब घर बैठे-बैठे ही खेतो में आराम से फसलों को पानी पिला सकते है। उन्हें यह चिंता भी नही रहती है कि मोटर कब बन्द करना है। पानी कम होते ही मोटर अपने आप बन्द हो जाती है।
इसके साथ ही लाईट बंद चालु से लेकर लाईट पावर व फाल्ट तक की जानकारी किसान को मोबाइल पर मैसेज भेज कर व काल से मिल जाती है।
अब किसान गुगल पर सर्च कर के तरबुज की खेती भी कर रहे हैं कौन सी वेरायटी लगाना है किस तरह लगाना इससे क्या फायदा होगा और कितना उत्पादन आयेगा किस बिमारी में क्या बचाव करना है , इसकी पुरी जानकारी गुगल पर सर्च कर लेते हैं ।किसानों के लिए मोबाइल वरदान साबित हो रहा है।
रतलाम:डिजिटल खेती का नायाब तरीका, घर बैठे खेतो की फसलों को पिला देते है पानी,जानिए जिले में कहां हो रही मोबाइल से खेती
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