रतलाम: जनप्रतिधियो की सलाह नही लेने पर बैठक में नाराज हुए  धाकड़  ,- जिला पचांयत की कृषि समिति की बैठक  हुई

indresh98kumar@gmail.com
3 Min Read
||


रतलाम,5जनवरी(खबरबाबा.काम)।
जिला पंचायत कृषि समिति की बैठक गुरूवार को अध्यक्ष डीपी धााकड़ की अध्यक्षता में हुई। इसमें समिति के सदस्यों ने कृषि विभाग के कर्मचारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर की। धाकड़ ने निर्देश दिए कि अधिकारी समय पर सदस्यों को जानकारी उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करे।

कृषि समिति की बैठक में धाकड़ ने कृषि विभाग, पशु चिकित्सा विभाग ,मत्स्य विभाग के कार्यो की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि किसानों को योजनाओ का लाभ लेने में बार -बार भटकने की जरूरत नही पडेÞ, इस बात का ध्यान रखा जावे। समिति के सदस्यों ने क्षि विभाग की आत्मा परियोजना के अन्तर्गत किसानो को प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजने के मामले में जनप्रतिनिधियों से सलाह नही लेने पर नाराज हुए। इस पर सभापति धाकड़ ने सभी जिला पंचायत सदस्यों से इस मामले में सलाह लेने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियो को दिए। पशु चिकित्सा एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रतिवेदन से सदस्यों ने स्ांतुष्टि जाहिर की।

अब सिर्फ होगा बछिया का जन्म


पशुओं में आधुनिक तकनीक से अब होगा सिर्फ बछिया का जन्म मध्य प्रदेश मे दुग्ध उत्पादन बढाने के लिए सरकार कृत्रिम गभार्धान की ऐसी तकनीक लाई है जिससे गाय तथा भैंसों में सिर्फ बछिया या पाडियों का जन्म होगा। इससे मादा पशुओं में वृद्धि के कारण दुग्ध में बढोत्तरी होगी। पशु पालकों की आमदनी दोगुना करने का जो लक्ष्य सरकार लेकर चल रही है वह पशुपालन के जरिए ही पूरा हो सकता है। फिलहाल कृत्रिम गभार्धान एवं प्राकृतिक गभार्धान से कई बार बछडे पैदा हो जाते हैं।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा बैठक में बताया कि म.प्र. पशुपालन विभाग द्वारा भी नस्ल सुधार व दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक सेक्स स़ाटेर्ड सीमन लाई गई है। इस आधुनिक तकनीक का उपयोग विभाग द्वारा जिले में भी किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ व सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी द्वारा अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सालय, औषधालय व कृत्रिम गभार्धान केन्द्र व उस क्षेत्र के उन्नत किसानों के यहां घर-घर जाकर भी तकनीक से एआई की जा रही है। बैठक में विभागीय अधिकारियों के अलावा सदस्य आरती जाट, चंपा चन्दू मईड़ा , बीसी शरद डोडियार आदि उपस्थित थे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *