रतलाम: रंगपंचमी का चढ़ा खुमार , सप्तरंगी रंगो से सराबोर हुआ रतलाम- रंगारंग गेर निकली, गली मौहल्लो में भी निकली टोलिया

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रतलाम,12मार्च(खबरबाबा.काम)। रंग पंचमी के दिन रतलाम रंगीन हो गया। रविवार को सप्तरंगो से गली -मौहल्ले सड़के सरोबार हो गई।रंग पंचमी का उत्साह पूरे ही शहर पर चढ़ गया। पंचमी पर शहर में पारंपरिक गेर निकली । जिसमें हजारों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए और रंगों की मस्ती में भीगते रहे। फाईटर, बड़े-बड़े पाईप से रंगों की बौछार हुई और भीगते, नाचते हजारों की टोली सड़कों पर मस्ती बिखेरती रही। गली मोहल्लों में भी रंगों की उत्साह छाया रहा।

रंगों के त्यौहार का जादू हर खास, आम, बूढे, बच्चे, महिलाओं के सर चढ़ा रहा। रतलाम में रंगारंग गेर निकली। मशीन से गुलाल उड़ाया गया। नगाड़े और ताशे बजाने के लिए बैंड को बुलाया गया। नगर निगम के फाइटर से रंगों की बौछार पूरे बाजार पर होती रही। गेर रानी जी के मंदिर से प्रारंभ हुई और हजारों की भीड़ गणेश देवरी, न्यू क्लाथ मार्केट, माणकचौक, घास बाजार, चौमुखीपुल, चांदनीचौक, तोपखाना, हरदेवलाल की पीपली, ब्राह्मणों का वास, धानमंडी, नाहरपुरा, पूर्णेश्वर महादेव मंदिर, श्रीमाली वास होते हुए डालू मोदी बाजार चौराहा पंहुची। मार्ग में जगह-जगह विभिन्न संगठन और संस्थाओं द्वारा रंग-गुलाल उड़ाकर गेर का स्वागत किया गया।

दो बत्ती चौराहा पर आसमान से बरसे रंग

दो बत्ती रंगारंग मंच के तत्वावधान में रंगों की बारिश की गई। दोबत्ती से निकलने वाला भी बिना होली के रंग में रंगे नहीं निकल सका। होली गीतों पर झूमते युवाओं और उड़ते रंगों को देखकर मन खुद ब खुद आनंदित होता रहा। तुषार कोठारी, संजय अग्रवाल, कमलेश मोदी, रवि जौहरी, जोएब आरिफ, आदि बड़ी संख्या में लोग उत्साह में शामिल रहे।

धरती हुई केसरिया और लाल

कला अभिनव मंच द्वारा पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी के नेतृत्व में डालूमोदी बाजार चौराहे पर हर वर्ष की तरह गेर का भव्य स्वागत किया गया। यहीं पर गेर का समापन भी हुआ। मंच के पवन सोमानी ने बताया कि इसके पहले फव्वारों से केसरिया और लाल रंग बरसाया गया जिसपर शहरवासी नाचते, भीगते रहे। कई अन्य संगठनों और संस्थाएं भी मार्ग में फुहारों की बौछार की और ठंडाई के साथ गेर का स्वागत किया।

कॉलोनियों, मोहल्लों में टोलियों की मस्ती

मोहल्लो और कॉलोनियों में भी रंगपंचमी की धूम रही।एक दूसरों को रंग लगाया गया और फिर पानी की बौछारों और रंगों के बीच जमकर घंटों तक नृत्य किया। ठंडाई के साथ गुजिया का आनंद लेते हुए भीगते हुए घंटों तक गाने की लय पर कदम थिरकते रहे।

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