रतलाम: सोशल मीडिया पर एक गलत क्लिक ने धोखेबाजो के चुंगल में फंसाया, साढे आठ लाख रूपए से अधिक की धोखाधड़ी, पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ किया प्रकरण दर्ज

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सांकेतिक फोटो

रतलाम,28अप्रैल(खबरबाबा.काम)। सोशल मीडिया आज के दैनिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन गया है , लेकिन इसके उपयोग में भी सावधानी जरूरी है। सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला रतलाम में भी हुआ है, जहां सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद एक युवक लाखों की धोखाधड़ी का शिकार हो गया।

धोखाधड़ी की यह घटना विनीत पिता नरेंद्र शर्मा निवासी गांधीनगर के साथ हुई है। पुलिस को की गई शिकायत में फरियादी ने बताया कि मोबाइल पर सोशल मीडिया चलाने के दौरान उनसे गलती से एक विज्ञापन पर क्लिक हो गया था। क्लिक होते ही वह एक व्हाट्सएप नंबर से जुड़ गए। उस नंबर से ज्योति नाम की एक युवती ने उनसे संपर्क किया। यूवती ने स्वयं को आईपीजी नामक एक विज्ञापन कंपनी में कार्यरत होना बताया और महाराष्ट्र में कंपनी का कार्यालय होने की जानकारी देते हुए मैनेजर से भी संपर्क कराया। फरियादी के अनुसार युवती ने उन्हें कंपनी में विज्ञापन के लिए रुपए इन्वेस्ट करने की बात कही। यूवती ने उन्हें बताया कि रुपए इन्वेस्ट करने पर उन्हें प्रतिदिन की आमदनी होगी और वह आमदनी बढ़ा भी सकते हैं। आरोपितों ने उन्हें आश्वस्त किया कि इन्वेस्टमेंट पूरी तरह सुरक्षित है। फरियादी के अनुसार उन्होंने आरोपितों के विश्वास में आकर प्रारंभ में अलग-अलग रूप से 2 लाख 65 हजार रुपए इन्वेस्ट किए।

इसके बाद आरोपी ने उनसे कहा कि कंपनी चेन सिस्टम में काम करती है। अपनी चेन स्वयं बनानी होगी और अन्य लोगों को भी ग्रुप में जोड़ना होगा।

इसके बाद ज्योति नाम की युवती ने फरियादी का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जिसका संचालन वह स्वयं करती थी। फरियादी ने इसके बाद अपनी माता और बहन के भी अलग-अलग रूप से 6 लाख से अधिक रुपए कंपनी में निवेश किए। आरोपित ग्रुप के अन्य लोगों से भी कंपनी में रुपए इन्वेस्ट करवाती थी।

फरियादी के अनुसार 5 अप्रैल को आरोपित का मैसेज आया कि यदि वह उस दिन 5 लाख रूपए कंपनी में निवेश करते हैं तो ग्रुप के जिन सदस्यों का रुपया अटका हुआ है वह विड्राल करा देगी। इसके बाद फरियादी को पता चला कि उनकी टीम का रुपया भी कंपनी में अटका हुआ है। इसके बाद फरियादी ने आरोपित को कहा कि जब तक वह रुपए विड्राल नहीं करा देती तब तक कोई इन्वेस्ट नहीं होगा, लेकिन बाद में आरोपित यूवती ने उनके नंबर को ही ब्लॉक कर दिया। आरोपित के फोन नंबर भी बंद आ रहे हैं। फरियादी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने पर वह पुलिस के पास पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज की। फरियादी के अनुसार वह 8 लाख 66 हजार 600 रूपए जमा कर चुका है। फरियादी की शिकायत पर औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने युवती और कंपनी मैनेजर के खिलाफ धारा 420 में धोखाधड़ी एवं 66 आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

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